एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहरी

सीधी जिले के बहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। अस्पताल में न तो आवश्यक डॉक्टर हैं, न ही अन्य चिकित्सा कर्मी। यहां एकमात्र डॉक्टर और तीन नर्सिंग ऑफिसर्स के सहारे पूरा अस्पताल चल रहा है। इनमें से एक नर्सिंग ऑफिसर गर्भवती हैं, फिर भी 12-12 घंटे की ड्यूटी कर रही हैं। वहीं, ड्रेसर, फार्मासिस्ट, गार्ड, और लैब टेक्नीशियन जैसे महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं।
स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी
बहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 20 से 40 मरीज ओपीडी में आते हैं, जिनमें मारपीट, एक्सीडेंट और अन्य गंभीर मामलों की संख्या अधिक होती है। ऐसे मामलों में यहां पोस्टमार्टम से लेकर पेशी तक की जिम्मेदारी इसी अस्पताल पर रहती है। सिंगरौली जिले के समीपवर्ती गांवों से भी मरीज यहीं इलाज के लिए आते हैं।
अव्यवस्थित ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था
बहरी से 10 किलोमीटर दूर नकझर और पोखरा जैसे अस्पतालों की हालत भी चिंताजनक है। नकझर अस्पताल दिन में ही खुला रहता है, और शाम होते ही कर्मचारी वापस चले जाते हैं। यहां रात में डिलीवरी केस नहीं लिए जाते, और मरीजों को बहरी रेफर कर दिया जाता है। वहीं, पोखरा अस्पताल में कर्मचारी 11 बजे आते हैं और दोपहर 2 बजे चले जाते हैं।
कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग
डॉ. अमित वर्मा, चिकित्सा अधिकारी बहरी, ने बताया कि अस्पताल की गंभीर स्थिति के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया है। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पोखरा अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरों ने भी कर्मचारियों की लापरवाही के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
बढ़ती घटनाएं और सुरक्षा का अभाव
बहरी अस्पताल में रोजाना झगड़े और मारपीट के मामले सामने आते हैं। स्टाफ पर मरीजों के परिजनों द्वारा हमला करने की घटनाएं आम हो गई हैं। पुलिस की मदद लेकर स्थिति को संभालना पड़ता है।
डॉ. अमित वर्मा का बयान
डॉ. वर्मा ने कहा, “हमने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्राचार और दूरभाष के माध्यम से यहां की समस्याओं की जानकारी दी है। अस्पताल को सुचारू रूप से चलाने के लिए स्टाफ की जरूरत है। वर्तमान में, अस्पताल सिर्फ एक डॉक्टर और सीमित स्टाफ के भरोसे चल रहा है, जो अत्यधिक दबाव में काम कर रहे हैं।”
सरकार से अपेक्षा
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। बहरी जैसे अस्पतालों की स्थिति को सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि ग्रामीणों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।








