टोक्यो: प्रधानमंत्री सना टाकाइची के कैबिनेट द्वारा नई गाइडलाइन को मंजूरी मिलते ही जापान ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से लागू घातक हथियारों के निर्यात पर प्रतिबंध समाप्त कर दिया है। इस कदम को शांति-संबंधी युग से दूरी और रक्षा नीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
नई गाइडलाइन की मंजूरी के बाद जापान अब जापानी-निर्मित युद्धपोत, युद्ध ड्रोन और अन्य हथियारों के निर्यात को आसान बनाएगा। इससे जापानी रक्षा उद्योग के लिए वैश्विक बाजार में नए अवसर खुलेंगे, जबकि देश की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय व्यापक बहुमत से पारित हुआ और इसका उद्देश्य जापान की रक्षा नीतियों को आधुनिक सुरक्षा खतरों के अनुरूप बनाना है। प्रधानमंत्री सना टाकाइची ने इस बदलाव को देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने और संभावित वैश्विक संकटों से निपटने के लिए आवश्यक बताया।
दूसरी ओर, यह फैसला जापान की शांति संवैधानिक प्रतिबद्धताओं से कुछ हटकर है, जो देश को सैन्य आक्रामकता से दूर रखने पर केंद्रित थीं। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्यात नीति के तहत हथियार केवल उन देशों को बेचे जाएंगे जो अंतरराष्ट्रीय कानून और मानकों का पालन करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई नीति जापान के रक्षा क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है क्योंकि इससे जापान को आर्थिक दृष्टि से भी लाभ होगा और साथ ही उसके रक्षा साझेदार देशों के साथ संबंध मजबूत होंगे।
इससे पहले जापान ने हथियार निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे जो द्वितीय विश्व युद्ध की त्रासदियों के बाद देश के शांति-संविधान की भावना को दर्शाते थे। निर्यात प्रतिबंधों के कारण जापान की रक्षा औद्योगिक तकनीक सीमित बाजारों तक ही सीमित रही है।
वास्तव में, प्रधानमंत्री टाकाइची ने कहा, “हमारी प्राथमिकता देश की सुरक्षा है और इसके लिए हमें अपने रक्षा उद्योग एवं कूटनीति को नए दिशा में ले जाना होगा।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह नीति जापान के अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को भी मजबूत करेगी।
नई नीति पारित होने के बाद अब जापान के रक्षा क्षेत्र में नई कंपनियों और टेक्नोलॉजी को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका मिलेगा, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद होगा। यह ऐतिहासिक बदलाव जापान की रक्षा रणनीति को सक्रिय और अंतर्दृष्टिपूर्ण बनाएगा।








