नई दिल्ली। भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूज़ीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने भारत में एक मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देना और निवेश के नए रास्ते खोलना है।
इस समझौते के तहत विभिन्न उत्पादों और सेवाओं पर आयात शुल्क में कमी की उम्मीद है, जिससे व्यापारिक प्रक्रियाएं सरल और तेज होंगी। दोनों देशों के उद्योग और व्यापारिक समुदायों ने इस समझौते का स्वागत किया है, जिसे क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग के लिए एक कदम माना जा रहा है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय आर्थिक विकास को मजबूती प्रदान करेगा और नई दिल्ली तथा वेलिंग्टन के बीच व्यापारिक रिश्तों को व्यापक बनाएगा। उन्होंने बताया कि यह समझौता कृषि, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में व्यापारिक अवसरों को बढ़ाने के साथ-साथ निवेश के नए अवसर उत्पन्न करेगा।
टॉड मैक्ले ने भी इस समझौते को दोनों देशों के बीच साझेदारी को पुनः परिभाषित करने वाला बताया। उनका कहना था कि न्यूज़ीलैंड के उत्पादों को भारत के बढ़ते बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी और भारतीय कंपनियों के लिए भी न्यूज़ीलैंड में अधिक अवसर खुलेंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता क्षेत्रीय आर्थिक समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है और भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशियाई तथा ऑस्ट्रलियाई बाजारों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का अवसर उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी बताते हैं कि इस समझौते से व्यापारिक बाधाओं को कम कर, दोनों देशों के उद्यमियों को लाभ होगा और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता के साथ किफायती उत्पाद उपलब्ध होंगे।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच सहयोग को और गहरा बनाने वाला यह व्यापक free trade agreement दोनों देशों के आर्थिक विकास के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।








