रायपुर: छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए पावर प्लांट विस्फोट के बाद हुई मनुष्य जीवन की हानि और चोटों को लेकर वेदांत समूह ने स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के अनुसार, मृतक परिवारों को प्रतिदिन ₹35 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है जबकि घायल हुए व्यक्तियों को ₹15 लाख का मुआवजा उपलब्ध कराया गया है। यह जानकारी वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने शेयर की है।
विदित हो कि उक्त पावर प्लांट का संचालन अब नेक्स्ट एसोसिएटेड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NSGL) को सौंपा जा चुका है। वेदांता समूह ने अपने बयान में कहा कि प्लांट की देखरेख एवं सुरक्षा की पूर्ण जिम्मेदारी NSGL के पास है। कंपनी ने इस दुखद घटना के लिए शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया है।
अनिल अग्रवाल ने कहा, “हम इस अप्रिय हादसे में हुई जीवन हानि से गहरी संवेदना रखते हैं। मृतकों के परिवारों की हर संभव मदद के लिए कंपनी प्रतिबद्ध है। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।”
इस घटना पर सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी अपने बयान में कहा है कि वेदांता समूह ने मुआवजे की राशि समय से जारी की है और प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। सुरक्षा मानकों को और सख्ती से लागू करने के लिए कंपनी एवं NSGL के बीच सहयोग जारी रहेगा।
विश्लेषकों के मुताबिक, ऐसे हादसे से बचने के लिए औद्योगिक प्लांटों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियमित जांच और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रशिक्षण देना प्राथमिकता होनी चाहिए।
वेदांत समूह, जो देश के बड़े ऊर्जा उत्पादकों में से एक है, संकट के समय प्रभावितों की सहायता करना अपना कर्तव्य समझता है। छत्तीसगढ़ पावर प्लांट विस्फोट के बाद जारी यह वित्तीय सहायता घटना स्थल और आसपास के लोगों के लिए राहत की बात मानी जा रही है।
आगे बढ़ते हुए, कंपनी और NSGL सौंपे गए जिम्मेदारियों के तहत सुरक्षा उपायों को दुरुस्त करके ऐसी दुर्घटनाओं से बचने का भरोसा दिला रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।








