Re. No. MP-47–0010301

‘अपराधी जिम्मेदार नहीं’: स्किजोफ्रेनिया से पीड़ित व्यक्ति जिसने ब्रिटिश पर्यटक की हत्या की, ट्रायल के लिए अयोग्य घोषित

‘Not criminally responsible’: Man with schizophrenia who killed British tourist declared unfit for trial

नई दिल्ली: एक ऐसे व्यक्ति को, जिसे स्किजोफ्रेनिया नामक मानसिक बीमारी है और जिसने एक ब्रिटिश पर्यटक की हत्या की, न्यायालय ने आपराधिक दायित्व के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है। इस फैसले के बाद आरोपी के खिलाफ आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया को रोक दिया गया है। घटना ने स्थानीय प्रशासन और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच गंभीर चर्चा छेड़ दी है कि मानसिक बीमारियों के मामलों में न्यायालय किस प्रकार संवेदनशील निर्णय ले सकता है।

इस मामले में, आरोपी का नाम गोपनीय रखा गया है क्योंकि वह एक मानसिक रोग से ग्रस्त है। घटना उस समय हुई जब वह एक ब्रिटिश पर्यटक के साथ विवाद के बाद हिंसक हो गया और उसकी हत्या कर दी। जांच में यह पाया गया कि आरोपी बीते कई वर्षों से स्किजोफ्रेनिया से प्रभावित था और उसे नियमित उपचार की आवश्यकता थी। लेकिन इलाज के अभाव में उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ी।

मनोचिकित्सकों की आपराधिक अदालत में याचिका के बाद, विशेष समीक्षा हुई जिसमें चिकित्सा टीम ने यह निष्कर्ष दिया कि आरोपी घटना के वक्त अपने कार्यों के परिणाम समझने की स्थिति में नहीं था। न्यायाधीश ने इनके द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट को मान्यता देते हुए कहा कि आरोपी को किसी भी अपराध के लिए कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसी आधार पर आरोपी को ट्रायल के लिए अयोग्य घोषित किया गया।

वहीं, पीड़ित परिवार की ओर से यह फैसला निराशाजनक बताया गया है। उनका कहना है कि न्यायपालिका द्वारा इस तरह के फैसले न्याय की भावना को प्रभावित करते हैं और वे चाहते हैं कि आरोपी को उचित सजा मिले। दूसरी ओर, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि न्यायपालिका ने मानसिक बीमार व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, स्किजोफ्रेनिया एक गंभीर मानसिक बीमारी है जिसमें व्यक्ति की वास्तविकता की समझ प्रभावित होती है और कई बार उसे भ्रम हो सकते हैं। ऐसे मामलों में आरोपी को आवश्यकता के अनुसार चिकित्सा सहायता दी जाना न्यायिक प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा होना चाहिए।

इस निर्णय ने मानसिक स्वास्थ्य और कानून के बीच के जटिल संबंधों पर नई बहस को जन्म दिया है कि किस हद तक मानसिक बीमारी के चलते अपराधियों को ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। प्रशासन ने इस मामले को गहराई से देखने और मानसिक रोगों से प्रभावित व्यक्तियों के लिए बेहतर सहायता प्रणाली विकसित करने का आश्वासन दिया है।

अंत में, यह मामला पूरे समाज को याद दिलाता है कि मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी न केवल व्यक्ति बल्कि समाज के लिए भी खतरनाक साबित हो सकती है। इसके लिए आवश्यक है कि सभी स्तरों पर जागरूकता बढ़ाई जाए और उपचार के लिए बेहतर सुविधा मुहैया कराई जाए ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

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