नई दिल्ली: वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को कमजोर शुरुआत करते हुए खुले। बीते कारोबारी सत्र में, ब्रेंट क्रूड का मूल्य 0.99 प्रतिशत की तेजी के साथ $109.3 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी। यही कारण है कि विदेशी निवेशकों ने अपने फंड निकालने शुरू कर दिए, जिससे बाजार पर दबाव पड़ रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, तेल की कीमतों में उछाल और ओपनिंग में विदेशी फंड आउटफ़्लो में तेज़ी के कारण बाजार में नकारात्मक रुख देखने को मिला है। इस समय घरेलू अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति की आशंका और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जो निवेशकों की सतर्कता को बढ़ा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे तौर पर ईंधन, परिवहन और उत्पादन लागत पर पड़ता है, जो अंततः उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि करता है। इससे आर्थिक विकास दर पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसी बीच विदेशी निवेशकों का पूंजी वापस लेना बाजार में दबाव बढ़ाने वाला कारक बना हुआ है।
शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि निवेशकों को संयम से काम लेना चाहिए और बाजार की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। निरंतर बदलते वैश्विक आर्थिक माहौल और तेल के भाव में उतार-चढ़ाव के बीच सतर्कता बरतनी होगी।
संक्षेप में, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.99 प्रतिशत की वृद्धि के साथ $109.3 प्रति बैरल पर पहुंचना और विदेशी फंड आउटफ़्लो के चलते भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी देखने को मिल रही है। निवेशक आर्थिक संकेतकों और बाजार के रुझानों पर नजर बनाए रखें, ताकि बेहतर निवेश निर्णय लिए जा सकें।








