नई दिल्ली। नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) 2026 के दौरान केरल के एक एमबीबीएस छात्र द्वारा राजस्थान के कुछ मित्रों और सीकर के एक हॉस्टल मालिक को अनुमानित प्रश्न पत्र भेजे जाने का मामला सामने आया है। इस संदर्भ में एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्र ने यह कृत्य परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से किया।
एसओजी अधिकारी के अनुसार, इस मामले की जांच चल रही है और छात्र की ओर से भेजे गए अनुमानित प्रश्न पत्र की पुष्टि भी की जा रही है। जांच में यह बात उजागर हुई कि संबंधित छात्र ने कुल मिलाकर कुछ खास दोस्तों और हॉस्टल मालिक को ये गेस पेपर व्हाट्सऐप के माध्यम से फॉरवर्ड किए ताकि वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित परीक्षा प्राधिकरण ने भी इस पर निगरानी बढ़ा दी है। परीक्षा के दौरान ऐसे किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छात्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें परीक्षा से निष्कासन और कोर्ट में मामला दर्ज करना शामिल हो सकता है।
NEET-UG परीक्षा देश में मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है, जिससे छात्रों की योग्यता का मूल्यांकन किया जाता है। इस तरह के धोखाधड़ी के प्रयास परीक्षा की वैधता और निष्पक्षता को प्रभावित करते हैं। इसलिए, परीक्षा समितियां हमेशा ऐसे प्रयासों पर कड़ी नजर रखती हैं।
इस मामले से यह स्पष्ट हो गया है कि परीक्षा में धांधली की रोकथाम के लिए और अधिक प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है। छात्र समुदाय और शिक्षा विभाग को मिलकर परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए काम करना होगा।
जांच की प्रगति के साथ ही सार्वजनिक रूप से इस मामले में और जानकारी साझा की जाएगी। विदित हो कि इस प्रकार के किसी भी अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करना आवश्यक होता है ताकि देश के युवाओं का विश्वास परीक्षा प्रक्रिया में बना रहे।








