नई दिल्ली। रैपिडो ने अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करते हुए प्रोसेस से 240 मिलियन डॉलर की नई पूंजी जुटाई है। कंपनी ने बताया कि इस ताज़ा निवेश के साथ अब तक उसने कुल 730 मिलियन डॉलर की प्राथमिक और द्वितीयक फाइनेंसिंग प्राप्त कर ली है। इस सौदे के बाद कंपनी का वैल्यूएशन 3 बिलियन डॉलर हो गया है।
रैपिडो ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “यह ताजा पूंजी निवेश कंपनी के विकास को नई गति देगा और तकनीकी सुधारों के साथ-साथ सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करेगा। हम इस निवेश को अपने व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपयोग में लाएंगे।”
भारत में ऑन-डिमांड बाइक टैक्सी सेवा के क्षेत्र में अग्रणी रैपिडो ने अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले तेज़ी से विकास किया है। कंपनी का दावा है कि इस निवेश के जरिए वे नई मार्केट्स में विस्तार करेंगे और ग्राहकों को बेहतर सर्विस प्रदान करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि रैपिडो का यह 3 अरब डॉलर का वैल्यूएशन भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो दर्शाता है कि टेक-आधारित मोबिलिटी सेवाओं में निवेश का अंदाज बढ़ रहा है।
रैपिडो के संस्थापक ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हम इस फाइनेंसिंग को स्मार्ट टेक्नोलॉजी और बढ़िया ग्राहक अनुभव प्रदान करने में लगाएंगे। हमारा लक्ष्य है कि भारत के हर बड़े शहर में रैपिडो सेवाएँ उपलब्ध हों।”
कोविड-19 महामारी ने मोबिलिटी सेक्टर को प्रभावित किया है, लेकिन रैपिडो ने अपने बिजनेस मॉडल को फिट करके और डिजिटल प्लेटफॉर्म का असरदार उपयोग कर वापसी की है। इस नए निवेश की मदद से कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में उसकी ग्रोथ में तेजी आएगी।
प्रोसेस, जो कि एक प्रमुख वैश्विक निवेशक है, ने रैपिडो के भविष्य संभावनाओं पर भरोसा जताया है। उन्होंने बताया कि भारतीय बाजार में मोबिलिटी तकनीक की मांग और आगे बढ़ेगी, और रैपिडो इस क्षेत्र का नेतृत्व करने वाले कारोबारों में से एक है।
कुल मिलाकर, इस ताज़ा फंडिंग के साथ रैपिडो ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है और भारतीय टेक-ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।








