चिकित्सा सेवा को मानवता से जोड़ने की पहल, स्वास्थ्य विभाग और सेवांकुर भारत के बीच हुआ एमओयू
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे चिकित्सकों को तैयार करने की आवश्यकता है, जो मरीजों की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और समाज के प्रति संवेदनशील हों। मुख्यमंत्री सोमवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में आयोजित समझौता ज्ञापन (एमओयू) कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।https://sidhi24news.in/archives/29611
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल की उपस्थिति में मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग तथा सेवांकुर भारत, डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान, छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र) के बीच पांच वर्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य मध्यप्रदेश को सेवा-प्रधान स्वास्थ्य नेतृत्व का मॉडल राज्य बनाना है।
एमओयू के तहत ऐसे डॉक्टरों की नई पीढ़ी तैयार करने पर जोर दिया जाएगा, जो केवल पेशेवर दक्षता ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन के वाहक भी बनें। कार्यक्रम अनुभव आधारित शिक्षण और मूल्य आधारित नेतृत्व विकास की अवधारणा पर आधारित रहेगा। इसके अंतर्गत “एक सप्ताह देश के नाम” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 300 प्रतिभागियों को छत्रपति संभाजीनगर में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कार्यक्रम के बाद प्रतिभागियों के लिए अनुभव साझा सत्र, व्यक्तित्व विकास शिविर और सेवा आधारित प्रशिक्षण गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। बैठक में अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल सहित सेवांकुर भारत प्रकल्प के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि डॉ. बाबासाहेब आम्बेडकर वैद्यकीय प्रतिष्ठान की स्थापना वर्ष 1989 में समाज सेवा के उद्देश्य से की गई थी। संस्था अब तक 70 लाख से अधिक जरूरतमंद मरीजों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा चुकी है। संस्था वर्तमान में देशभर में 46 एकीकृत परियोजनाओं का संचालन कर रही है, जिनमें बहु-विशेषज्ञता अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी संस्थान, अत्याधुनिक रक्तपेढी तथा ग्रामीण स्वास्थ्य परियोजनाएं शामिल हैं।https://www.facebook.com/share/p/17dD1QJNqr/







