नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी पिछले हफ्ते की पहली वृद्धि के ठीक एक सप्ताह बाद आई है, जब 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर 3 रुपये की वृद्धि की गई थी। इस बार कीमतों में प्रति लीटर 90 पैसे का इजाफा हुआ है।
एनर्जी मंत्रालय और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया है। बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार में हुए उतार-चढ़ाव के कारण यह बढ़ोतरी आवश्यक मानी जा रही है। बाजार में हो रही माँग के अनुरूप ईंधन की कीमतों को नियमित रूप से संशोधित किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले प्रभाव को नियंत्रित किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बढ़ोतरी का सीधा असर चारपहिया और दोपहिया वाहनों के मालिकों की जेब पर पड़ेगा, जिससे ईंधन की लागत बढ़ेगी। इसके अलावा, परिवहन लागत में वृद्धि से दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दामों में भी धीरे-धीरे इजाफा देखने को मिल सकता है।
सरकार ने यह भी कहा है कि चालू वित्तीय वर्ष में तेल की कीमतों पर नजर बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को ज्यादा से ज्यादा राहत पहुंचाने के प्रयास जारी रहेंगे। फिलहाल बाजार की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए ईंधन मूल्य नीति में सतर्कता जरूरी है।
इस बदलाव के बाद अब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 100.90 रुपये हो गई है, जबकि डीजल की कीमत 89.50 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। अन्य शहरों में भी कीमतों में समान रूप से बदलाव हुआ है।
उपभोक्ताओं से अपील की जाती है कि वे अपने वाहन का उचित रख-रखाव करें और ईंधन का सही उपयोग सुनिश्चित करें ताकि बढ़ी हुई कीमतों का प्रभाव कम से कम हो। साथ ही, सरकार की तरफ से भविष्य में किसी भी तरह की नई अपडेट्स के लिए जुड़े रहने की सलाह भी दी गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक आर्थिक स्थिति, और घरेलू मांग के आधार पर ईंधन की कीमतें समय-समय पर परिवर्तित होती रहती हैं। इस बार की वृद्धि भी इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है।
यह देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के लिए कौन से कदम उठाती है और क्या उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई नीतियां घोषित की जाएंगी।







