नई दिल्ली: पूर्व अमेरिकी राजदूत निकी हेली ने हाल ही में एक बयान में कहा है कि चीन ईरान की सरकार को आर्थिक और सामरिक समर्थन देकर उसकी मदद कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से एक ऐसे जहाज की बात की है जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने जब्त किया है और जो ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के लिए रासायनिक सामग्री ले जा रहा था।
निक्की हेली ने अपने भाषण में बताया कि इस जहाज को अमेरिका द्वारा दक्षिणी समुद्री मार्ग पर रोका गया था। उनके अनुसार, यह जहाज मिसाइल निर्माण के लिए आवश्यक रसायनों को ईरान तक पहुंचा रहा था, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी ज़ोर देकर कहा कि चीनी तत्व ईरान को निरंतर आपूर्ति और समर्थन दे रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और उसके पश्चिमी सहयोगियों ने लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए हुए हैं। इस प्रतिबंध का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को सीमित करना और मध्य पूर्व में स्थिरता बनाए रखना है। ऐसे में इस जहाज का जब्ती होना एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, चीन और ईरान के बीच बढ़ते सहयोग से परमाणु समझौतों की कार्यवाही पर भी प्रभाव पड़ सकता है। अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तकनीकी और सैन्य सहयोग को लेकर कड़े कदम उठाए जाएंगे जिससे वैश्विक शांति को खतरा न हो।
हालांकि चीन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि उसका ईरान के साथ व्यापारिक संबंध केवल वैध व शांतिपूर्ण हैं। साथ ही चीन ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करने का दावा किया है।
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाएँ इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की स्थिति जानने के लिए सभी पक्षों के बयान का इंतजार कर रही हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ती सैन्य गतिविधियाँ और विदेशी हस्तक्षेप के कारण परिस्थिति और जटिल होती जा रही है, इसलिए शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयासों को तेज़ करना जरूरी होगा।
इस घटना के बाद अमेरिका ने क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने और प्रतिबंधों को सख्ती से लागू करने का संकल्प जताया है ताकि ईरान के अस्थिरता पैदा करने वाले एजेंडे को रोका जा सके।








