नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2026: द हिन्दू ने आज एक वेबिनार का आयोजन किया जिसका विषय था ‘शिक्षा ऋण डिफॉल्ट के बाद का जीवन’। इस वेबिनार में बैंकिंग पेशेवर कुमारन वजिरवेलु और किंगस्पायर के निदेशक आदित्य भार्गव मुख्य वक्ता थे। इस कार्यक्रम का संचालन द हिन्दू के शिक्षा विभाग के प्रमुख एम. कल्याणरमण ने किया।
वेबिनार में विस्तार से चर्चा की गई कि कैसे शिक्षा ऋण की अदायगी न कर पाने की स्थिति में छात्रों और उनके परिवारों को वित्तीय और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कुमारन वजिरवेलु ने बैंकिंग दृष्टिकोण से यह बताया कि इस प्रकार की डिफॉल्ट स्थिति बैंकिंग जगत के लिए भी एक चुनौती होती है, क्योंकि इससे न केवल बैंक का वित्तीय जोखिम बढ़ता है, बल्कि ऋणदाता की क्रेडिट स्कोर भी प्रभावित होती है।
आदित्य भार्गव ने बताया कि डिफॉल्ट के बाद भी कई समाधान मौजूद हैं, जिनके जरिए ऋणग्राही अपनी स्थिति सुधार सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऋण पुनर्गठन का विकल्प एक महत्वपूर्ण रास्ता हो सकता है, जिसके तहत ब्याज दरों में छूट या पुनर्भुगतान अवधि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, किंगस्पायर जैसी कंपनियां वित्तीय परामर्श और कर्ज ब्यवस्थापन में मदद प्रदान करती हैं।
एम. कल्याणरमण ने अंत में कहा कि शिक्षा ऋण के डिफॉल्ट से बचने के लिए सही नियोजन आवश्यक है, साथ ही छात्रों को अपने करियर विकल्पों और वित्तीय संभावनाओं को समझदारी से देखना चाहिए। वेबिनार में भाग लेने वाले दर्शकों ने भी अपनी जिज्ञासाओं को व्यक्त किया और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
यह वेबिनार शिक्षा ऋण से जुड़ी चुनौतियों और उनकी संभावित समाधानों को समर्पित था, जो वर्तमान समय में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बहुत प्रासंगिक हैं। द हिन्दू इस प्रकार के शैक्षिक और वित्तीय मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ जागरूकता बढ़ाने का कार्य करता रहेगा।








