इस्लामाबाद: ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद मनी पर्दा अरघची ने अपने हाल ही में इस्लामाबाद के दौरे को सफल बताया है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की, जिसमें विशेष रूप से अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ताओं की दिशा और शर्तों पर चर्चा हुई।
अरघची ने स्रोतों के अनुसार कहा कि उनकी मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य इस बात पर विचार करना था कि किस दिशा में तथा किन परिस्थितियों के तहत वार्ता आगे बढ़ सकती है। इस्लामाबाद में किए गए संवाद में दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।
उनकी यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच नोकझोंक के बीच राजनयिक सुलह की संभावना बनी हुई है। पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के बीच संवाद के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने की कोशिश की है।
विदेश मंत्रालय ने इस संबंध में बताया कि अरघची ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की और कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग क्षेत्रीय शांति के लिए आवश्यक है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपनी विदेश नीति में स्थिरता और आपसी सम्मान को सर्वोपरि रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अरघची की यह यात्रा ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता की संभावनाओं को नए सिरे से गति देने में सहायक हो सकती है। साथ ही, पाकिस्तान की बढ़ती विदेश नीति सक्रियता इस क्षेत्र की जटिलताओं को हल करने में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है।
इस्लामाबाद में अरघची द्वारा की गई बैठकों के दौरान आर्थिक, सुरक्षा और राजनीतिक मसलों पर भी चर्चा की गई, जिसमें क्षेत्रीय स्थिरता को प्राथमिकता दी गई। इस कदम को दोनों देशों के बीच संबंधों के विस्तार की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
ईरान के विदेश मंत्री ने अपने दौरे के दौरान कहा, “पाकिस्तान के साथ मजबूत और द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखना ईरान की विदेश नीति का अहम हिस्सा है। हमें विश्वास है कि ये वार्ताएं दोनों देशों के हित में प्रभावी सिद्ध होंगी।”
इस प्रकार, अरघची का इस्लामाबाद दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ बनाने में मददगार रहा, बल्कि क्षेत्रीय शांति को संभव बनाने के प्रयासों में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








