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भारत-अफ्रीका संबंध एक नए, निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहे हैं: MoS विदेश कार्य

India-Africa relationship entering new, decisive phase: MoS External Affairs

नई दिल्ली: भारत और अफ्रीका के बीच संबंध एक नए और निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहे हैं, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और भी मजबूत किया जा रहा है। उप विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि इस सहयोग में मुख्य भूमिका उनके साझा इतिहास की रही है, खासकर उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष में दोनों पक्षों की एकजुटता ने द्विपक्षीय संबंधों को और दृढ़ बनाया है।

उन्होंने कहा कि भारत और अफ्रीका के देशों के बीच यह साझा अनुभव, दोनों के रिश्तों की नींव को मजबूत करता है और इसे एक गहरे और भरोसेमंद स्तर पर स्थापित करता है। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच बहुआयामी सहयोग के नए अवसर खुल रहे हैं, जिनमें आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रगाढ़ सम्वाद शामिल हैं।

उप विदेश राज्य मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत और अफ्रीका के बीच राजनीतिक और व्यापारिक संबंध तेजी से विकसित हो रहे हैं। यह विकास, वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में दोनों के महत्व को दर्शाता है, और विशेष रूप से विकासशील देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।

उन्होंने आगे बताया कि भारत ने अफ्रीका के विभिन्न देशों के साथ अपनी साझेदारी को बढ़ाने के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें तकनीकी सहयोग, निवेश और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं क्षेत्रीय समृद्धि और स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत-अफ्रीका संबंधों में यह नया चरण दोनों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को बल मिलेगा। दोनों पक्ष नई चुनौतियों का सामना मिलकर कर रहे हैं और विभिन्न वैश्विक मंचों पर एक-दूसरे का समर्थन कर रहे हैं।

संक्षेप में, उप विदेश राज्य मंत्री के शब्दों में, भारत और अफ्रीका के बीच साझा संघर्ष और साझेदारी ने दोनों को एक मजबूत बंधन में बांध दिया है, जो भविष्य में और भी व्यापक सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह नया निर्णायक चरण द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जिससे दोनों भागीदारों के बीच सामरिक और विकासात्मक हितों को मजबूती मिलेगी।

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