नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दिशानिर्देशन में NEET-UG 2026 परीक्षा का आयोजन बड़े पैमाने पर किया गया। इस बार यह परीक्षा देश के 551 शहरों के साथ-साथ विदेश के 14 स्थानों पर भी आयोजित की गई, जिससे यह अब तक की सबसे व्यापक परीक्षा बन गई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि परीक्षा के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण स्वयं मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया। उनकी देखरेख में यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था का जायज़ा लिया और अधिकारियों के साथ संवाद करके किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान सुनिश्चित किया।
NEET-UG की यह परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में प्रवेश पाने का मार्ग है, जिनका सपना चिकित्सकीय क्षेत्र में आगे बढ़ना होता है। इस बार की परीक्षा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया। परीक्षा के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह से पालन किया गया ताकि विद्यार्थियों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि “NEET-UG 2026 को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और केंद्रों का धन्यवाद। हमारी प्राथमिकता विद्यार्थियों की सुविधा और परीक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इसी लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि प्रवेश प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे। 14 विदेशी केंद्रों में भारत के विद्यार्थियों के अलावा वहां के स्थानीय विद्यार्थियों की भी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
इस साल NEET-UG परीक्षा के विस्तार से देश भर में मेडिकल शिक्षा के प्रति जागरूकता और पहुंच में वृद्धि हुई है। शिक्षा मंत्रालय ने आशा व्यक्त की है कि आगे भी इस स्तर पर परीक्षा का आयोजन होता रहेगा और देश के हर कोने के छात्रों को अपने सपनों को पूरा करने का अवसर मिलेगा।
इस प्रकार, NEET-UG 2026 ने एक बार फिर से भारतीय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है, जो यह दर्शाता है कि सरकार आधुनिक तकनीकों और कुशल प्रबंधन के जरिए शिक्षा को लोकतांत्रिक और सुलभ बना रही है।








