ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ (EU) अपनी जलवायु नीति को और मजबूत करने के उद्देश्य से अपने कार्बन बाजार (Carbon Market) में विस्तार करने पर विचार कर रहा है। इस विस्तार के तहत यूरोप के बाहर की जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। यह कदम EU की ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो यूरोप के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करने और वैश्विक जलवायु परिवर्तन से लड़ने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।
कार्बन बाजार, जिसे Emissions Trading System (ETS) कहा जाता है, एक ऐसा मंच है जहां कंपनियां अपनी उत्सर्जन सीमा के भीतर रहते हुए कार्बन क्रेडिट खरीद और बिक्री कर सकती हैं। यूरोपीय आयोग के अधिकारियों ने बताया है कि वे इस बाजार का दायरा बढ़ाने की योजना बना रहे हैं ताकि यह केवल यूरोपीय क्षेत्र तक ही सीमित न रहे बल्कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को भी इसमें शामिल किया जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन क्षेत्र में उत्सर्जन काफी अधिक है, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ानों को कार्बन बाजार का हिस्सा बनाना, उत्सर्जन में कमी लाने की दिशा में प्रभावशाली साबित होगा। इस कदम से विमानन कंपनियों को अपनी कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा तथा वे स्वच्छ ऊर्जा और नवीन तकनीकी समाधान अपनाने के लिए प्रेरित होंगीं।
पिछले कुछ वर्षों में यूरोपीय संघ ने जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण पाने के लिए कई कड़े नियम बनाए हैं, जिनमें कार्बन उत्सर्जन को सीमित करना प्रमुख है। यूरोपीय आयोग की योजना न केवल यूरोप में कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करेगी, बल्कि इससे वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव पड़ेगा क्योंकि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यूरोपीय हवाईअड्डों से होती हैं।
इसके साथ ही, पर्यावरण समूहों ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा है कि विमानन क्षेत्र को उत्सर्जन के लिए अधिक जवाबदेह ठहराना आवश्यक है। वहीं, कुछ विमानन कंपनियां इसे महंगी पहल मानते हुए इसका विरोध भी कर सकती हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह जरूरी कदम है ताकि EU अपने 2050 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के लक्ष्य को हासिल कर सके।
अधिकारी बताते हैं कि जल्द ही इस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा और सार्वजनिक परामर्श की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसमें सभी संबंधित पक्षों से फीडबैक लिया जाएगा। इसके बाद ही विस्तार की अंतिम रूपरेखा तय की जाएगी।
इस अंदरूनी प्रक्रिया के तहत, EU का यह कदम वैश्विक जलवायु कार्रवाई में नई ऊर्जा भर सकता है और अन्य देशों को भी समान कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय विमानन उद्योग के बड़े उत्सर्जकों के लिए यह चुनौती और अवसर दोनों लेकर आएगा।








