Re. No. MP-47–0010301

*देव उठनी एकादशी आज, शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य… *

सीधी- आज गुरुवार को देव उठनी एकादशी है आज भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आएंगे और चातुर्मास का समापन हो जाएगा। इसके साथ ही मांगलिक कार्यों पर पांच माह से लगा विराम खत्म हो जाएगा और शादियों का सिलसिला शुरू होगा। शादी के पूरे सीजन में 66 शुभ मुहूर्त हैं।

मान्यताओं एवं धर्मग्रंथो कि माने तो
आज से भगवान जाग जायेंगे । भगवान अर्थात भ से भूमि, ग से गगन, वा से वायु, अ से अग्नि और न से नीर । इन पंचतत्वों में ही भगवान निहित है । वर्षा ऋतु के बाद भूमि कीचड़ रहित हो जाती है, गगन स्वच्छ हो जाता है, वायु शीतल और मन्द चलने लगती है, अग्नि बढ़ जाती है और नदियों तथा कुओं बावडियों का नीर (जल) भी स्वच्छ और निर्मल हो जाता है ।
साधु-सन्यासियों के चातुर्मास आज समाप्त होकर पुनः यात्राएँ प्रारम्भ हो जाती है । विवाह आदि शुभ कार्य भी आज तुलसी विवाह के बाद से प्रारम्भ हो जाते हैं ।
बेर, भाजी और आँवला की प्रतीक रूप में पूजा कर आज से नए अन्न का सेवन तथा नवीन औषधियों का संग्रह तथा भंडारण कर सकने वाली औषधियों का निर्माण भी प्रारम्भ हो जाता है । गन्ने की पूजा कर गुड़ अथवा शक्कर निर्माण कार्य भी आज से प्रारम्भ हो जाता हैं ।
शीत ऋतु के आगामी तीन माह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अत्यन्त अनुकूल होते हैं । इस कारण सबकी कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है ।
कुल मिलाकर शुभ कार्यों का प्रारम्भ होना यानी देवीय शक्ति का जाग्रत होना और राक्षसी वृत्ति का सर्वनाश ही देव प्रबोधिनी एकादशी का वास्तविक सन्देश है ।

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