सीधी-जिले से प्रवाहित होने वाली सोन नदी से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन इन दिनों फिर धड़ल्ले से शुरू हो गया है। थाना अमिलिया, बहरी सहित पुलिस चौकी सिहावल अंतर्गत सोन नदी के करीब एक दर्जन घाटों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक रेत कारोबारी सक्रिय रहते हैं और सैकड़ो ट्राली रेत का परिवहन किया जाता है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य का अमला तथा स्थानीय पुलिस को इस अवैध रेत उत्खनन की जानकारी है। बावजूद इसके वह चुप्पी साधे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि जिले से प्रवाहित होने वाली सोन नदी में घडियाल अभ्यारण्य होने के कारण यहां से किसी भी तरह का उत्खनन एवं परिवहन पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। रेत के उत्खनन एवं परिवहन को कड़ाई से पालन कराने के लिए जिला टास्क फोर्स टीम गठित है। जिसमें राजस्व, पुलिस, खनिज व सोन घडियाल अभ्यारण्य के अधिकारियों को शामिल किया गया है। लेकिन टीम में शामिल विभाग कुंभकर्ण की नींद में सो रहा है। इसी वजह से अमिलिया, सिहावल, बहरी अंचल में सोन नदी के करीब एक दर्जन घाटों से बीते करीब एक सप्ताह से रात्रि में रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन धड़ल्ले से जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमिलिया थाना क्षेत्र के सेहुड़ा, खड़बड़ा घाट सहित सिहावल अंचल मे सोन नदी के विभिन्न घाटों में रेत कारोबारियों की पिछले करीब एक सप्ताह से सक्रियता तेज हो गई है और उनके द्वारा धड़ल्ले के साथ रेत की निकासी की जा रही है। बताया गया कि सिहावल चौकी अंतर्गत सोन नदी के लिलवार, बघोर, बमुरी, रामपुर नाव घाट, गेरुआ सहित बहरी थाना अंतर्गत मरसरहा, सोनतीर पटेहरा, रामडीह के आस पास सहित अन्य घाटों में दर्जन से भर से ज्यादा वाहन रात्रि में रेत निकासी में सक्रिय हैं। जिले में कई स्थानों पर अवैध उत्खनन का कारोबार जोरों से चल रहा है। अमिलिया, सिहावल, बहरी अंचल मे खुलेआम अवैध उत्खनन का करोबार चल रहा है। कई स्थानों पर अवैध मूरम की निकासी के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। जिससे हादसे की आशंका भी जताई जा रही हैं। अवैध रेत उत्खनन को लेकर जब जिम्मेदार अधिकारियों से बात की जाती हैं तो उनके द्वारा क्षेत्र मे मुखबिर तंत्र सक्रिय किए जाने की बात करते हैं। लेकिन मजे की बात तो यह है कि बिना जिम्मेदार अधिकारी के हरी झंडी मिलने के बाद ही रेत कारोबारी अवैध रेत उत्खनन करने की हिम्मत जुटा पाते है।









