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Sidhi ret news:ठेका किसी और का, कारोबार किसी और का…? मशीनों से छलनी हो रहा नदियों का सीना….?

Sidhi ret news:ठेका किसी और का कारोबार किसी और का…? मशीनों से छलनी हो रहा नदियों का सीना….?

नदियां बनी ट्रांसपोर्ट नगर, वाहनों की रहती है लंबी कतार…

नदियों में लगी वाहनों कि कतार

 

सीधी _सीधी जिला और रेत दोनों ही लंबे समय से एक दूसरे के पूरक रहे हैं फिर चाहे सोन नदी से अवैध रेत की निकासी और परिवहन की बात हो या फिर शासन द्वारा निर्धारित खदानों से नियम कायदो को ताक पर रखकर निकासी करने के मामले में सीधी जिला हमेशा अव्वल रहा है और पड़ोसी जिलों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी रेत की आपूर्ति के लिए प्रसिद्ध रहा है। यही नहीं रेत से होने वाली कमाई के लिए भी यह काफी प्रसिद्ध है शासन द्वारा भले ही दर्जन भर नियम कायदे और शर्तों के साथ खदानों का आवंटन ठेकेदारों को किया जाता है लेकिन ठेकेदार द्वारा स्थानीय साठ गांठ और गांधीजी के दम पर मनमर्जी और मनमाना तरीके से नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए रेत का परिवहन किया जाता रहा है और किया जाता रहेगा…?

जी हां वैसे तो रेत खदानें आवंटित करने के पहले नई रेत खनन नीति का हवाला देकर कागजी कार्यवाही पूरी की जाती है लेकिन उनका पालन कहीं होता है या नहीं इसकी हकीकत से सभी वाकिफ है नियम कायदों को जिस कदर पैसे और पहुंच के बल पर दरकिनार किया जाता है वह किसी से छुपा नहीं है।

मानसून के बाद एक बार फिर से जिले में संचालित खदानों में मशीने गरजने लगी हैं और नदियों के बीचों बीच रास्ते बनाकर पानी के भीतर से रेत निकासी की जा रही है। जबकि खनन नीति की माने तो नदी में पानी के भीतर से रेत नहीं निकली जा सकती केवल स्वीकृत खदानों से निर्धारित तटीय क्षेत्र में ही खनन किया जाना है, लेकिन इस नियम को देखने वाला है कौन…..?आप आगे वीडियो में देख सकते हैं किस कदर नदी के बीचो-बीच रास्ते बनाकर एक नहीं बल्कि कई कई भारी भरकम मशीनों द्वारा पानी के भीतर से रेत निकासी की जा रही है हालांकि अभी तो शुरुआत है आगे जैसे-जैसे गाड़ियों की संख्या बढ़ेगी वैसे ही मशीनों की संख्या भी बढ़ती जाएगी। वही नदियों में वाहनों की लंबी कतार देखी जा रही है नदियों का मार्ग परिवर्तित कर वहां पर अस्थाई सड़क बना दी गई है जहां पर सैकड़ो वहां कतार बंद्ध होकर खड़े रहते हैं।

सीधी जिले में ठेका भले ही किसी और का हो लेकिन रेट निकासी परिवहन और जिले भर का प्रबंध पुराने कंपनी के पास ही है जिसके द्वारा जिले में रेत के कारोबार का प्रबंध किया जाता है ताकि उनके कामों पर ना तो किसी की नजर पड़े ना ही किसी की आवाज उठ मैनेजमेंट की अच्छी जानकारी होने के कारण ठेकेदार कोई और है और काम कोई और कर रहा है धीरे-धीरे फिर से जिले में रेट निकासी और परिवहन का व्यापार बढ़ रहा है लेकिन न जाने जिम्मेदार अधिकारी कहां लिप्त है वह तो बस कागजों में नियमों को देख सहमति देते हैं।

 

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