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Sidhi news:उप पंजीयक कार्यालय में चल रहा सुविधा शुल्क का खेल,हर रजिस्ट्री में लगता है आफिस खर्च

Sidhi news:उप पंजीयक कार्यालय में चल रहा सुविधा शुल्क का खेल,हर रजिस्ट्री में लगता है आफिस खर्च

सीधी_ जिला कार्यालय में स्थित उप पंजीयक कार्यालय में इन दिनों सुविधा और व्यवस्थाओं के नाम पर काली कमाई का खेल चल रहा है यहाँ हर रजिस्ट्री में रजिस्ट्री लेखकों से आफिस खर्च के नाम पर पैसे लिए जाने कि बात सामने आई है। नाम न बताने कि शर्त पर रजिस्ट्री लेखक ने बताया कि हर रजिस्ट्री पर साहब और दफ्तर में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के लिए सुविधा शुल्क देना पड़ता हैं और इसकी भरपाई उन्हें रजिस्ट्री करवाने वालो से करनी पड़ती है। आफिस में रेग्युलर कर्मचारियों के साथ आउट सोर्स और बाहरी लोग भी तैनात हैं जिनका अपना अपना रेट कार्ड है।

एक उप रजिस्टार के सहारे चल रहा कार्यालय

सूत्रों कि माने तो उप पंजियक कार्यालय सीधी में केवल एक रजिस्टार है और इन्ही के संरक्षण और पुराने मुलाजिम पाण्डेय जी के मार्ग दर्शन पर सारी व्यवस्था संचालित हैं। एक ही पंजीयक होने के कारण कार्यालय में भारी भीड़ बनी रहती है और काम जल्दी करवाने के नाम पर भी लेन देन का क्रम बदस्तूर जारी है।

उप पंजीयक कार्यालय में पदस्थ कुछ लोगों द्वारा अपने परिवार के लोगों व अन्य बाहरी लोगों द्वारा वसूली और सुविधा शुल्क का काम किया जाता है। बाहरी लोगों द्वारा न सिर्फ यहां दलाली की जाती है बल्कि आफिस के दस्तावेज सब इन्ही के जिम्मे है। 

जमीन कि कीमत से तय होती हैं आफिस खर्च कि राशि

अप रजिस्टार कार्यालय से जुड़े और आने जाने वाले लोगों की माने तो यहां ऑफिस खर्च की राशि जमीन की कीमत पर निर्भर करती है रजिस्ट्री लेखकों द्वारा रजिस्ट्री खर्च की राशि में ऑफिस खर्च जोड़कर दिया जाता है और ऐसे में यह निर्धारण जमीन की कीमत पर होता है कि जमीन कितने में बिक रही है उसके हिसाब से तय राशि कार्यालय में जमा होती है

ई.स्टांप के नाम पर ठगे जाते हैं लोग

गौरतलब है कि रजिस्ट्री लेखकों द्वारा भी स्टांप के नाम पर लोगों को ठगा जाता है। यहां आने वाले लोगों को स्टांप, खर्च एवं रजिस्ट्री लेखन के नाम पर गोल-गोल घुमाया जाता है, और उनसे सभी तरह के अपने चार्ज जोड़कर मोटी रकम ऐठ ली जाती है, जबकि शासन द्वारा हर चीज का रेट तय है फिर भी यहां पहुंचने वाले अधिकतर लोग राजस्व और पंजीयक कार्यालय के नियमों से अनभिज्ञ होते हैं जिसके कारण उन्हें लूटा जाता है। अधिकतर लोग उचे दामो पर जमीन खरीदते हैं और सरकारी दर पर रजिस्ट्री कराकर सरकारी टैक्स कि चोरी करते हैं जिसके कारण भी सुविधा शुल्क की मांग कि जाती है। कुल मिलाकर उप पंजीयक कार्यालय और रजिस्ट्री लेखकों द्वारा लूट का गोरख धंधा चलाया जा रहा है लेकिन इसके खिलाफ कोई आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर रहा सब चुपचाप सुविधा शुल्क देकर अपना काम आसानी से करवाना चाहते हैं और इसी के चलते इनके हौसले बुलंद है प्रशासन द्वारा अगर इसकी पड़ताल कराई जाए तो उप पंजीयक कार्यालय का सच उजागर हो सकता है हालांकि व्यवस्थाएं बनाई गई हैं और उन्हें व्यवस्थाओं के तहत यह पूरा कार्यक्रम चल रहा है जिसके कारण इस पर कोई उंगली उठाने का प्रयास नहीं कर रहा है।

 

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