सीधी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए का छापा,पीएलएफआई से जुड़े संदिग्धों कि खोज….
राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने झारखंड के प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई के खिलाफ चार राज्यों में छापामार कार्यवाही की है। इसी के तहत पीएलएफआई से जुड़े आरोपियों एवं संदिग्धों की टोह लेने एनआईए की टीम सीधी भी पहुंची थी। हालांकि यहां पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को कोई सफलता नहीं मिली है। बहरहाल एनआईए की इस कार्यवाही से सीधी में हड़कंप मच गया है। यहां यह बता दें कि झारखंड के प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई के खिलाफ इन दिनों देश भर में आरोपियों एवं संदिग्धों की तलाश की जा रही है। इसी के तहत गुरूवार एवं शुक्रवार को कुल चार राज्यों में छापामार कार्यवाही की गई है जिसमें झारखंड, बिहार, नई दिल्ली के साथ मध्यप्रदेश में भी प्रतिबंधित संगठन और आरोपियों से जुड़े दर्जनों स्थानों की तलाशी ली गई। बताया गया है कि सीधी जिले में भी एनआईए ने संगठन से जुड़े संदिग्धों की तलाश कुछ स्थानों में कि है किन्तु इस दौरान एनआईए को कोई सुराग नहीं मिला है। यह भी बताया गया है कि एनआईए की टीम अपना काम कर वापस भी चली गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. रविन्द्र वर्मा ने बताया कि झारखंड के प्रतिबंधित माओवादी संगठन पीएलएफआई के खिलाफ कार्यवाही के तहत एनआईए की टीम संगठन से जुड़े आरोपी एवं संदिग्धों की तलाश में गुरूवार को सीधी पहुंची थी। उन्होने बताया कि इस दौरान सीधी में झारखंड के प्रतिबंधित संगठन पीएलएफआई से जुड़े कोई सबूत नहीं मिले हैं। लिहाजा संदिग्धों की तलाश में आई एनआईए की टीम सीधी से वापस लौट गई है।
एनआईए ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति
बता दे कि एनआईए द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया गया है कि-राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के खिलाफ चार राज्यों में छापेमारी के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया और हथियार, गोला-बारूद, आपत्तिजनक उपकरण और दस्तावेज, नकदी और आभूषण के साथ एक भारतीय सेना की वर्दी जब्त की। रंगदारी और लेवी वसूली का मामला.
एनआईए ने आज जिन आरोपियों और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की, वे सभी झारखंड में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन पीएलएफआई के कैडर और समर्थक थे। वे हिंसक वारदातों को अंजाम देने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल थे.
एनआईए की कार्रवाई के तहत आज झारखंड, बिहार, मध्य प्रदेश और नई दिल्ली में प्रतिबंधित संगठन और आरोपियों से जुड़े कुल 23 स्थानों की तलाशी ली गई। इनमें झारखंड में 19 स्थान (गुमला, रांची, खूंटी, सिमडेगा, पलामू और पश्चिमी सिंहभूम जिले), बिहार (पटना जिला) और मध्य प्रदेश (सीधी जिला) में एक-एक स्थान और नई दिल्ली में दो स्थान शामिल हैं।
छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किए गए दो लोगों की पहचान बिहार के रमन कुमार सोनू उर्फ सोनू पंडित और दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के निवेश कुमार के रूप में हुई। भारत के विभिन्न राज्यों में पीएलएफआई के नेताओं, कैडरों और समर्थकों द्वारा जबरन वसूली/लेवी वसूली से संबंधित मामले (आरसी-04/2023/एनआईए-आरएनसी) में एनआईए द्वारा दर्ज एफआईआर में दोनों आरोपियों का नाम शामिल है।
तलाशी के दौरान दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस (7.86 मिमी), रु. भारतीय के अलावा, 3,00,000 नकद, डिजिटल डिवाइस (मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पेन ड्राइव, डीवीआर) और दस्तावेज (डायरी और कागजात का एक गुच्छा) सहित आपत्तिजनक सामग्री, साथ ही सोने और चांदी के आभूषण जब्त किए गए।
पीएलएफआई कैडरों द्वारा जबरन वसूली के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के वित्तपोषण की जानकारी के बाद एनआईए ने 11 अक्टूबर 2023 को आईपीसी और यूए (पी) अधिनियम, 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
एनआईए की अब तक की जांच से पता चला है कि प्रतिबंधित संगठन के कैडर झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और विभिन्न कोयला व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों, रेलवे ठेकेदारों और व्यापारियों से जबरन वसूली के माध्यम से धन जुटाने में शामिल थे।










