मंद गति से हो रहा है नवीन कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण
– संविदाकार द्वारा भवन निर्माण की गुणवत्ता पर नहीं दिया जा रहा ध्यान
नवीन कलेक्ट्रेट सीधी के भवन का निर्माण कार्य काफी मंद गति से किया जा रहा है। निर्माण कार्य दो वर्षों से शुरू है। इतनी अवधि में तो भवन को निर्माण कार्य आसानी के साथ पूरा किया जा सकता था। कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण कार्य समय पर न होने के कारण प्रशासनिक कार्य काफी प्रभावित हो रहे हैं। कई कार्यालय जो कि भवन की व्यवस्था न होने से यह इंतजार कर रहे थे कि अब उन्हें सही स्थान में जगह मिलेगी। उनका इंतजार काफी लंबा खिंच रहा है। भवन के निर्माण में संविदाकार द्वारा खुलेआम मनमानी की जा रही है। निर्माण कार्य में गुणवत्ता को पूरी तरह से नजर अंदाज किया जा रहा है। पुराने कलेक्ट्रेेट भवन की गुणवत्ता को आज भी लोग याद कर रहे हैं। उसी के समीप बन रहे नए कलेक्ट्रेेट भवन में गुणवत्ता की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कलेक्ट्रेेट भवन के निर्माण में लगी कंपनी द्वारा डीजे प्लाजा का गुणगान किया जा रहा है। जिससे इसकी आड़ में कंपनी के व्यावसायिक कारोबार को भी नई बुलंदी मिल सके। जानकारों का कहना है कि कंपनी द्वारा सीधी शहर में कलेक्ट्रेेट भवन के निर्माण को लेकर यदि गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता तो अन्य शासकीय भवनों के निर्माण का क्या हाल होगा। कंपनी द्वारा नवीन कलेक्ट्रेेट भवन का निर्माण कार्य शुरू करने के बाद से उसकी तेजी को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कंपनी के नुमाइंदे केवल डीजे प्लाजा के प्रचार.प्रसार में ही अपना ज्यादा समय दे रहे हैं। कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण शुरू करने के बाद से ही उसकी आड़ में डीजे प्लाजा का गुणगान किया जा रहा है। डीजे प्लाजा का निर्माण कार्य भी अभी तक धरातल में कुछ भी नहीं किया गया है फिर भी बड़े.बड़े पोस्टरों में डीजे प्लाजा नजर आ रहा है और उसकी आड़ में ही दुकानों की बुकिंग करने की मुहिम शुरू कर दी गई है। जिससे डीजे प्लाजा की करीब 5 सैकड़ा दुकानों की बुङ्क्षकग का काम पूरा हो जाए। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की रूपरेखा धरातल पर बनाई जाएगी। करीब दो वर्षों से डीजे प्लाजा के निर्माण को लेकर बड़े.बड़े दावे किए जा रहे हैं। उसी दावे के आधार पर 7 लाख रुपए में दुकानों की बुकिंग करने का खाका लोगों के सामने रखा जा रहा है। एक दुकान की कीमत कितनी होगी इसको लेकर भी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।









