Re. No. MP-47–0010301

Sidhi rel samachaar:रेलवे समिति की बैठक में रेलवे बोर्ड सदस्य ने भेजा प्रस्ताव

रेलवे समिति की बैठक में रेलवे बोर्ड सदस्य ने भेजा प्रस्ताव

पश्चिम मध्य रेल जबलपुर मंडल के परामर्श समिति की बैठक में कई प्रस्ताव को लेकर रेलवे बोर्ड के सदस्य पुष्पराज सिंह चौहान द्वारा भेजा गया है। जिसमें कि उनके द्वारा ललितपुर, सिंगरौली रेल लाइन के भाग रीवा से सिंगरौली के निर्माण में तीव्रता लाने को लेकर प्रस्ताव भेजा जिसमें बताया गया है कि सम्पूर्ण लाइन का टेंडर किया जा चुका है। रीवा से गोविन्दगढ़ का कार्य पूर्ण हो चुका है लेकिन न्याय व्यवस्था के कारण लाइन चालू नहीं की गई है। गोविन्दगढ़ से बघवार भी कार्य पूर्णता की ओर है और लाइन चालू करना मार्च में प्रस्तावित है। वहीं प्रस्ताव में पुष्पराज सिंह ने उल्लेखित किया कि कटनी, सिंगरौली रेल मार्ग का दोहरीकरण का कार्य शीघ्र पूरा करना है इस पर विभाग द्वारा जवाब दिया गया कि कटनी, सिंगरौली रेल मार्ग खंड का दोहरीकरण का कार्य आईआरसीएनओ द्वारा किया जा रहा है। यह कार्य व्यौहारी से जोवा तक छोड़कर जून 2024 तक पूर्ण कर लिया जाएगा वही व्यौहारी से जोवा तक का कार्य दोहरीकरण का कार्य 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है।
रेलवे सदस्य ने यह भी प्रस्ताव रखा था कि दिनांक 11 नवम्बर 2019 के पूर्व ललितपुर, सिंगरौली रेल परियोजना के भाग रीवा से सिंगरौली के मध्य जिसकी भूमि अधिग्रहित की गई थी उन्हे शीघ्र रोजगार उपलब्ध कराया जाय। इस पर जवाब देते हुए विभाग द्वारा बताया गया है कि अधिनियम की सूची के आधार पर मुआवजा का निर्धारण किया गया है दूसरी अनुसूचि के अनुसार पुर्नवासन और पुन: स्थापन तथा तीसरी अनुसूचि के अनुसार बुनियादी ढांचा संबंधित सुविधाओं से भू अर्जन, पुर्नवास और पुर्नस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 के उपलब्ध लागू होंगे। साथ ही पुर्नवासन और पुर्नस्थापन आरएफसीटीएलएआरआर एक्ट 2013 की द्वितीय सूची में निहित शर्तो के अनुरूप किया जाना है। विभाग ने बताया कि इस काम में रेलवे बोर्ड द्वारा आरबीई संख्या 193/2019 दिनांक 11.11.2019 जारी कर प्रभावित भूमि विस्थापितों को रेलवे में नियुक्ति की पेशकश करने की पूर्ण नीति को वापस लिया गया है। इसके लिए विस्तृत चर्चा करते हुए तदानुसार कार्यवाही किए जाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए है। वहीं भोपाल वाराणासी सुपर फास्ट एवं बायां सिंगरौली नई टे्रन की स्वीकृति को लेकर विभाग ने बताया कि वर्तमान में सिंगरौली खंड में माल गाडियों का अत्याधिक दवाब है नकज सिंगरौली में दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। पूर्ण रूप से दोहरीकरण हो जाने पर भोपाल, वाराणसी गाड़ी का संचालन परिचालिक दृष्टिकोण से सुगम होगा। वाणिज्यिक औचित्य की जांच कर प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है। इस तरह रेलवे विभाग ने जानकारियां दिए हैं।

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