जिले में आयोजित हुई मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता की परीक्षा
20 हजार से अधिक नवसाक्षर हुए परीक्षा में शामिल
सीधी 17 मार्च 2024
प्रदेश में साक्षरता दर बढ़ाने नवभारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत आयोजित मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता परीक्षा में नवसाक्षरों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अध्याय 21 के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में साक्षरता दर बढाने हेतु 15 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के असाक्षरों को साक्षर करने हेतु कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमे ’’जन जन साक्षर’’ का उद्धेश्य रखा गया है।
कलेक्टर एवं सी.ई.ओ. जिला पंचायत के मार्गदर्शन में राज्य शिक्षा केन्द्र के दिशा निर्देश अनुसार 17 मार्च को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। इस परीक्षा में अक्षर साथियों द्वारा नामांकित नव साक्षरों, पूर्व के नवसाक्षर जिन्होने साक्षरता अभियान के अंतर्गत अंतरिम मूल्यांकन में सफलता अर्जित की है किन्तु उनके पास प्रमाणीकरण नही है उन्होेने अपनी सहभागिता दर्ज की।
परीक्षा के लिए जिले में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं को परीक्षा केन्द्र निर्धारित किया गया था, जिसमें प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के शिक्षको, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं एवं अक्षर साथियों आदि के सहयोग से पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन का कार्य सम्पादित किया गया।
नव साक्षर जो किसी कारणवश अपनी बाल्यावस्था में औपचारिक शिक्षा प्राप्त नही कर सके थे वे उम्र के इस पडाव पर स्कूलों में टाटपट्टी, दरी और कुर्सियों में बच्चों की तरह बैठकर परीक्षा देने में काफी उत्साहित दिखे। कई नव साक्षरों ने इसे अपने जीवन का बेहतरीन अनुभव स्वीकार करते हुए कहा कि जो गलती कहीं न कही उनके अभिभावकों से हुई या परिस्थितियों की वजह से वे नही पढ़ सके अपने बच्चो के साथ कदापि ऐसा नही होने देगे।
जिला जेल सीधी में 30 नवसाक्षर कैदियों ने साक्षरता परीक्षा में सहभागिता दी, जिसमें 20 वर्ष से 60 वर्ष के कैदी शामिल हुए। जिला जेल पड़रा में जेल अधीक्षक के निर्देशन में परीक्षा आयोजित की गई।
साक्षरता परीक्षा में जिला प्रौढ शिक्षा अधिकारी, समस्त विकासखण्डों के बी.आर.सी., बी.ए.सी., सह समन्वययक साक्षरता एवं जन शिक्षकों ने विभिन्न केन्द्रों में संचालित परीक्षाओं का निरीक्षण किया। सभी विकासखण्डों में उक्त परीक्षा में लक्ष्य के अनुरूप नवसाक्षर शामिल हुए।








