बेबा की संपत्ति हड़पने नटवर लाल ने न्यायालय को किया गुमराह
ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना की मुआवजे की राशि हड़पने का मामला
जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुशवाही का मामला
सीधी:- अगर आप चलते पुर्जे नहीं है तो यह समझ लीजिए कि आपकी संपत्ति सुरक्षित नहीं हैं, भले ही वह आपकी पैतृक संपत्ति हो या स्वर्जित हों, लुटेरों की नजर बेबस लाचार परिवार पर बनी रहती हैं यह हम नहीं कह रहे हैं बल्कि माननीय न्यायालय में प्रस्तुत एक मामला व्यां कर रहा है। जी हां! जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केशवाही निवासी एक बेबा महिला के साथ कुछ इसी तरह की घटना निर्मित हुई हैं सब कुछ साफ होने के बाद भी राजस्व विभाग व पुलिस विभाग से सांठगांठ कर नटवर लाल ने उसकी संपत्ति हड़प ली और अब वह बेबा महिला न्याय पाने के लिए चक्कर लगा रही हैं।
उल्लेखनीय हैं कि ललितपुर रेलवे लाइन निकलने से बेवा सुभद्रा जायसवाल पति स्व. दादूलाल जायसवाल निवासी केशवाही बहरी सिहावल के नाम मिलने वाले मुआवजे की राशि को हड़पने के लिए नटवर लाल केशव जायसवाल पिता विश्राम जायसवाल ने पहले अपने नाम सारा मुआवजा करवाने का षडयंत्र रचा फिर इतने भी संतोष नहीं हुआ तो अपने नाबालिक बेटे सुनील कुमार जायसवाल के नाम करवा दिया और एसडीएम न्यायालय सिहावल तथा तहसील न्यायालय बहरी में नटवरलाल केशव प्रसाद षडयंत्र पूर्वक सुभद्रा जायसवाल की जमीन अपने वह अपने नाबालिक पुत्र के नाम करवाने में सफल हो गया लेकिन यह मामला जब जिला न्यायालय व कलेक्टर न्यायालय में पहुंचा तो कलेक्टर ने मामले की सुनवाई करते हुए विश्राम जायसवाल के बारिश सुभद्रा जायसवाल को सभी मुआवजे के प्रकरण में एक बटे पांच रस दिलाने का आदेश पारित किया बावजूद इसके यह आदेश खंड-खंड में पालनपुर किया गया स्थिति यह रही की कलेक्टर के आदेश पर मुआवजे के एक प्रकरण में एक बटे पांच राशि दे दी गई जबकि दूसरे प्रकरण में एक बटे चार कर दिया गया हैरानी की बात यह है कि जिले में इन दोनों राजस्व अमला कुछ इस तरह बेलगाम हो गया है कि न्यायालय व अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन करने को तैयार नहीं है यही वजह है कि जिले में राजस्व प्रकरणों का इजाफा जहां लगातार हो रहा है वही विवाद की स्थिति भी निर्मित होती जा रही है।
क्या है पूरा यह मामला:-
प्राप्त जानकारी अनुसार कार्यालय कलेक्टर सीधी द्वारा पत्र क्र. 185/भू-अर्जन / 2024 दिनांक 15 फरवरी 2024 को आवेदिका को पत्र जारी किया गया और ग्राम केशवाही तहसील बहरी अन्तर्गत ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के सम्बंध में अवार्ड खाता क्र. 4, 18 एवं 19 के सम्बंध में आवेदिका एवं सुनील जायसवाल, केशव जायसवाल, बाबूलाल जायसवाल, मेवालाल जायसवाल, सुखरजुआ जायसवाल को आहूत कर समक्ष में सुना गया और सभी पक्षो के द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज एवं तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए उपखण्ड अधिकारी एवं भू-अर्जन अधिकारी सिहावल के आदेश दिनांक 15 दिसबंर 2023 को अमान्य कर यह आदेश जारी किया गया कि विश्राम जायसवाल की उक्त सभी भूमियों में जो भूमियां रेलवे में प्रभावित हुई है में 1/5 -1/5 (यानी सुखरजुआ, केशवलाल, मेवालाल, बाबूलाल, एवं दादूलाल की पत्नी आवेदिका सुभद्रा जायसवाल) का मुआवजा वितरण किया जाय किन्तु केशवलाल जायसवाल पिता विश्राम जायसवाल को 56,14,905/- रूपयें खाता क्र. 483402010006081 यूनियन बैंक आईएफसी कोड UBIN0548341 के माध्यम से भेज दिया गया एवं शेष राशि में 1/5-1/5 कर दिया गया है और आवेदिका को मात्र 25,16,211/- रूपयें दिये गये है जबकि आवेदिका 67,30,007/- रूपयें प्राप्त करने की अधिकारी थी। यहीं नहीं केशव जायसवाल ने अपने नाबालिग पुत्र सुनील जायसवाल का नाम एवार्ड पत्रक में विधि विरूद्ध ढंग से लेख कराया गया है।








