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बीमा राशि के लिए पत्‍नी ने करवा दी पति की हत्‍या

बीमा राशि के लिए पत्‍नी ने करवा दी पति की हत्‍या

 

ग्वालियर- रिश्तों के खून की दिल दहला देने वाली दास्तान ग्वालियर में सामने आई है। यह कहानी रोंगटे खड़े कर देगी…किस तरह एक बेवफा पत्नी ने अपने पति की हत्या की ऐसी साजिश रची, जिसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के माथे पर भी पसीना आ गया।

पति की शराब की लत का फायदा उठाकर पत्नी ने अपने बहनोई के साथ मिलकर उसका मकान बेच डाला। बहनोई से उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था। मकान बेचकर यह पैसा लेकर भागने की बजाय उसने पति का बीमा करा डाला, जिससे पति को मरवाकर लाखों रुपये हासिल कर सके और बहनोई के साथ घर बसा सके। ऐसा ही उसने किया, पूरी प्लानिंग के साथ पति को बहनोई और उसके दोस्तों से मरवा डाला। फिर उसकी मौत को सड़क हादसा बताने के लिए कार से कुचलवा दिया।

यह घटना चीनोर इलाके की है। पुलिस भी पहले इसे हादसा समझ बैठी थी, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने हत्या की सनसनीखेज वारदात का राजफाश कर दिया। हत्या में शामिल मृतक रामाधार जाटव की पत्नी सीमा, उसके बहनोई सुरेंद्र जाटव, सुरेंद्र के साडू नरेंद्र जाटव, दोस्त दिनेश जाटव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित जितेंद्र शाक्य अभी फरार है।

शहर के पुरानी छावनी स्थित सुसेरा कोठी इलाके में रहने वाले रामाधार जाटव की शादी 2014 में सीमा जाटव से हुई थी। रामाधार शराब पीने का आदी था, इसलिए अक्सर घर में झगड़ा होता था। रामाधार जाटव की लाश 3 अप्रैल को चीनोर इलाके में भौरी पुलिया के पास पड़ी मिली थी। प्रथम दृष्टया यह हादसा नजर आ रहा था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह सड़क हादसा नहीं बल्कि गला घोंटना बताई गई। इसके बाद तो पुलिस अधिकारी स्तब्ध रह गए। मृतक की जेब में पत्नी का आधार कार्ड, हाथ पर उसी का नंबर मिला था। पैर में चप्पल-जूते तक नहीं थे। इससे स्पष्ट हो गया था कि कहानी में कुछ गड़बड़ है। एसपी धर्मवीर सिंह ने सीएसपी आयुष गुप्ता, चीनोर थाना प्रभारी राजीव बिरथरे और उनकी टीम को पड़ताल में लगाया।

इस मामले की पड़ताल में जुटी टीम ने सीमा जाटव को थाने बुलाया। पुलिस को शुरुआत में उस पर संदेह नहीं था, जब उसे थाने बुलाया तो उसका व्यवहार असहज लगा। वह पति की मौत, कातिल को छोड़ बार-बार बोल रही थी कि उसके पति की बीमा पालिसी थी, इसे उसे ही दिलाया जाए। वही नामिनी है। पुलिस ने जब बीमा पालिसी की हिस्ट्री खंगाली तो पता लगा दिसंबर 2023 में ही बीमा पालिसी करवाई गई थी। फिर तो पुलिस का शक पत्नी पर गहरा गया। पत्नी के मोबाइल की काल डिटेल निकाली तो उस पर सबसे ज्यादा बार बहनोई सुरेंद्र जाटव से बात हुई। 3 अप्रैल को भी बात हुई। पुलिस ने पड़ताल की तो सामने आया कि 30 मार्च को ही सीमा सुरेंद्र के बागचीनी स्थित घर पहुंच गई थी। यहां उसका पति रामाधार भी आ गया। फिर उसे वापस भेज दिया।

2 अप्रैल को रामाधार ग्वालियर आया। यहां जैसे ही ग्वालियर आया तो बहनोई सुरेंद्र जाटव, नरेंद्र जाटव, दिनेश जाटव, जितेंद्र शाक्य उसे अपनी कार से ले गए। कार में शराब पिलाई। कार से नरवर के जंगलों में ले गए। यहां गला घोंटकर उसे मार डाला। रामाधार की साफी से ही गला घोंट दिया। फिर उसे चीनोर में भौरी पुलिया पर लाए। यहां कार से लाश फेंकी। फिर उसे कार से कुचलते हुए निकल गए, जिससे उसकी मौत हत्या नहीं बल्कि हादसा लगे।

सीमा को अपने पति की हत्या कराए जाने का कोई मलाल नहीं है। रामाधार की दो बेटियां हैं, एक बेटी की उम्र 7 साल, दूसरी बेटी की उम्र 5 साल है। बेटियाें को अब पता लगा है कि उनके पिता की हत्या हो गई। रामाधार के घर में कोई नहीं है। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। पुलिस हिरासत में भी सीमा बार-बार बीमा पालिसी के रुपये के बारे में ही पूछ रही है।

सड़क हादसे में मौत पर मिलते 20 लाख रुपये

सीमा और सुरेंद्र ने मकान बेचने पर जो पैसा मिला था, उससे रामाधार का बीमा कराया। सामान्य माैत पर 10 लाख रुपये और सड़क हादसे में मौत पर 20 लाख रुपये मिलते।

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