मध्य प्रदेश में शासकीय सेवकों के स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की पहल
भोपाल, 20 नवंबर 2024: मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री, राजेन्द्र शुक्ल ने शासकीय सेवकों के स्थानांतरण प्रक्रिया में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवकों के स्थानांतरण को और अधिक पारदर्शी, सरल और मानवीय दृष्टिकोण के साथ किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके और उनके स्थानांतरण से संबंधित समस्याओं का समाधान हो सके।
मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता
राजेन्द्र शुक्ल ने स्थानांतरण आवेदन में मानवीय दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से उन शासकीय सेवकों के स्थानांतरण पर ध्यान केंद्रित किया, जिनके पास विभिन्न मानवीय कारण हैं। इनमें प्रमुख कारणों में पति-पत्नी दोनों शासकीय सेवक होना और दोनों का एक ही कार्यस्थल पर पदस्थापना की आवश्यकता होना, स्वयं की गंभीर बीमारी, परिवार के किसी सदस्य की स्वास्थ्य समस्याएं या अन्य बड़े व्यक्तिगत कारण शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परिस्थितियों में स्थानांतरण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी।
ई-एचआरएमआइएस पोर्टल में सुधार की जरूरत
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासकीय सेवकों के स्थानांतरण प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए ई-एचआरएमआइएस (ई-ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल में सुधार की आवश्यकता है। उनका कहना था कि पोर्टल पर शासकीय सेवकों की आवश्यकताओं और प्रविधानों के अनुरूप सभी जरूरी सुधार किए जाने चाहिए, ताकि स्थानांतरण में मानवीय हस्तक्षेप कम से कम हो सके। इसके लिए अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि पोर्टल पर रिक्तियों की अद्यतन जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए। इससे कर्मचारियों को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप रिक्त स्थानों के बारे में जानकारी प्राप्त होगी और वे आसानी से आवेदन कर सकेंगे।
नई ऑनलाइन सुविधा की शुरुआत
उप मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए ई-एचआरएमआइएस पोर्टल के प्रविधानों की समीक्षा की। इस दौरान यह भी बताया गया कि लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए पहली बार ई-एचआरएमआइएस पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण की ऑनलाइन सुविधा शुरू की जा रही है। यह पहल कर्मचारियों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी, क्योंकि पहले यह प्रक्रिया पूरी तरह से मैन्युअल थी, जिससे कर्मचारियों को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।
एक सप्ताह में पूरी होगी तैयारी
राजेन्द्र शुक्ल ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे एक सप्ताह के भीतर पोर्टल पर सभी जरूरी सुधार और तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने इस कार्य को प्राथमिकता देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया, ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया में कोई देरी न हो और कर्मचारियों को जल्दी और सुविधाजनक तरीके से स्थानांतरित किया जा सके।
एमपीएसईडीसी द्वारा प्रस्तुति
इस मौके पर एमपीएसईडीसी (मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) के प्रतिनिधियों ने पोर्टल के प्रविधानों पर एक प्रस्तुति दी। यह प्रस्तुति पोर्टल की कार्यप्रणाली और इसकी नई सुविधाओं के बारे में थी, जो शासकीय कर्मचारियों के स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने में सहायक होंगी।
कर्मचारियों के लिए राहत
राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि शासकीय सेवकों की स्थानांतरण प्रक्रिया में यह सुधार सरकार की नीतियों को कर्मचारियों के हित में लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कदम कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल के चयन में अधिक स्वतंत्रता और सुविधा प्रदान करेगा, साथ ही उनके व्यक्तिगत और परिवारिक कारणों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल शासकीय सेवकों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकती है, खासकर उन कर्मचारियों के लिए जो विभिन्न व्यक्तिगत कारणों से स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। ई-एचआरएमआइएस पोर्टल के माध्यम से स्थानांतरण प्रक्रिया को और भी सरल और पारदर्शी बनाना राज्य सरकार की डिजिटल सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल के लागू होने के बाद कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से त्वरित और पारदर्शी स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी, जो उनके कार्य जीवन को और अधिक सहज बनाएगा।








