सीधी: प्रधान आरक्षक के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने का आदेश
सीधी, 28 नवम्बर 2024 सीधी जिले के सत्र न्यायालय और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने एक महत्वपूर्ण फैसले में प्रधान आरक्षक मोतीलाल सिंह और अन्य दोषियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई एक गंभीर आरोप के बाद की गई है, जिसमें प्रधान आरक्षक पर मृतक के परिवार के साथ मिलकर दुर्घटना के मामले को झूठा साबित करने और फर्जी क्लेम राशि दिलाने की साजिश रचने का आरोप है। यह मामला क्लेम प्रकरण क्रं. 269/2023 और 270/2023 से संबंधित है, जिसमें दुर्घटना में मृतक विनोद कुमार यादव और अंजनी कुमार यादव की जान चली गई, जबकि राजकुमार यादव घायल हो गए थे। न्यायालय ने पाया कि यह दुर्घटना मोटरसाइकिल के तेज रफ्तार में चलने और चालक की लापरवाही के कारण हुई थी, जब वह स्पीड ब्रेकर से टकरा गए थे। हालांकि, प्रधान आरक्षक मोतीलाल सिंह ने इस दुर्घटना के असली कारणों को छुपाते हुए मृतक के परिवार के साथ मिलकर एक षड्यंत्र रचा। उन्होंने घटना में शामिल एक अन्य वाहन को फर्जी तरीके से घटना में सम्मिलित कर दिया और न्यायालय में गलत जानकारी दी। इसका उद्देश्य मृतक के परिजनों को क्लेम राशि दिलवाना था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सत्र न्यायालय और मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने पुलिस अधीक्षक, सीधी को आदेश दिया कि वे प्रधान आरक्षक मोतीलाल सिंह और अन्य दोषियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करें और मामले की विभागीय जांच करें। इस आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक, रीवा जोन को भी भेजी गई है, ताकि मामले में और सख्ती से कार्रवाई की जा सके। अब यह मामला पुलिस जांच में है, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।








