सीधी जिले में खुले नलकूप और बोरवेल पर रोक: कलेक्टर ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश

सीधी, 5 दिसंबर 2024:
सीधी जिले में अनुपयोगी और खुले नलकूप या बोरवेल में बच्चों की गिरने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मध्यप्रदेश शासन और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत दिया गया है।
आदेश के प्रमुख बिंदु:
- खुले नलकूपों को बंद करने के निर्देश:
जिले के सभी उपखंड दंडाधिकारियों को अपने क्षेत्र में अनुपयोगी नलकूपों और बोरवेल की पहचान कर उन्हें मजबूत लोहे के ढक्कन या बोर कैप से बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। - कुओं और बावड़ियों की सुरक्षा:
खुले कुओं और बावड़ियों को जाली और पक्के जगत से सुरक्षित किया जाएगा। - अधिकारियों की जिम्मेदारी:
- कार्यपालिक दंडाधिकारी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, और नगरीय निकायों के अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे।
- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खनन मशीनों का पंजीकरण सुनिश्चित करेगा और अनुपयोगी नलकूपों की जानकारी संधारित करेगा।
- सख्त निगरानी:
जिन नलकूपों का उपयोग नहीं किया जा रहा है, उन्हें तुरंत बंद करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, ठेकेदारों को खनन प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पृष्ठभूमि:
यह कदम उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और 2023 में जारी नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत उठाया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर का संदेश:
कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा, “यह निर्णय बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। संबंधित अधिकारी और संस्थाएं इस आदेश का सख्ती से पालन करें और खुले नलकूपों को तुरंत बंद करने की प्रक्रिया शुरू करें।”
इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उद्देश्य जिले में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऐसी दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोकना है।
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