कमिश्नर ने की राजस्व महाअभियान 3.0 की समीक्षा, 12 दिसंबर तक सभी प्रकरणों के निराकरण का लक्ष्य
सीधी।
रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद ने जिले में चल रहे राजस्व महाअभियान 3.0 की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे सभी राजस्व प्रकरणों का 12 दिसंबर तक शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रमुख निर्देश:
- कमिश्नर ने मझौली, मड़वास, सिहावल और बहरी तहसीलों में लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जाहिर की और प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर अधिकतम मामलों को निपटाने के आदेश दिए।
- अभियान की प्रगति की निरंतर निगरानी उपखंड अधिकारी करेंगे और कलेक्टर को प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
- नक्शा सुधार, आधार-खसरा लिंकिंग, और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों को तेज करने के साथ किसानों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया।
- अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
कलेक्टर का बयान:
कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने कहा कि नामांतरण के शेष प्रकरणों को विशेष अभियान चलाकर दो दिनों में निपटाया जाएगा। साथ ही, बंटवारा और सीमांकन के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए टीमें गठित की गई हैं।
बैठक में मौजूद अधिकारी:
बैठक में उपखंड अधिकारी गोपद बनास नीलेश शर्मा, चुरहट शैलेष द्विवेदी, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने हिस्सा लिया।
राजस्व महाअभियान का महत्व:
राजस्व महाअभियान 3.0 का उद्देश्य लोगों की राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना है। यह राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने और राजस्व विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कमिश्नर बीएस जामोद के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि लंबित प्रकरणों को शीघ्र हल करने के लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। 12 दिसंबर तक सभी मामलों का समाधान प्रदेश को राजस्व अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन की ओर ले जाने का लक्ष्य है।








