MP में बड़ा कदम: 12 हजार मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों का उन्नयन, हजारों पद स्वीकृत
भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए राज्य के 12670 मिनी आंगनवाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनवाड़ी केंद्रों में परिवर्तित कर दिया है। यह उन्नयन एक दिसंबर 2024 से प्रभावी होगा। हाल ही में मंत्रिपरिषद ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही इन केंद्रों के लिए बड़ी संख्या में पद स्वीकृत किए गए हैं, जो रोजगार के नए अवसर प्रदान करेंगे।
उन्नत आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए स्वीकृत पद:
- प्रत्येक केंद्र के लिए एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और एक सहायिका का पद स्वीकृत।
- केंद्रों के प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 476 पर्यवेक्षकों के पद भी सृजित किए गए।
आयुक्त महिला बाल विकास, सूफिया फारूकी वली ने बताया कि मिनी आंगनवाड़ी में पहले से कार्यरत कर्मचारी, उन्नत आंगनवाड़ी केंद्र में उसी भूमिका में कार्य करेंगे। जिन केंद्रों पर पद रिक्त हैं, वहां एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से योग्यता के आधार पर भर्ती की जाएगी।
नियुक्ति प्रक्रिया:
- सहायिका और कार्यकर्ता के पदों के लिए भर्ती https://chayan.mponline.gov.in पर की जाएगी।
- यह निर्णय महिला एवं बाल विकास क्षेत्र में सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा और पोषण सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है।
फार्मेसी छात्रों की समस्या: छह महीने से बंद है पंजीयन प्रक्रिया
भोपाल।
मध्य प्रदेश में फार्मेसी छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। पिछले छह महीनों से फार्मेसी काउंसिल की पंजीयन प्रक्रिया ठप पड़ी है, जिसके चलते हजारों छात्र सरकारी भर्तियों और निजी नौकरियों से वंचित हो रहे हैं।
एबीवीपी का ज्ञापन:
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने डिप्टी सीएम और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
- पंजीयन में देरी: छात्रों के नए पंजीयन और पुराने पंजीयन का नवीनीकरण दोनों रुके हुए हैं।
- भविष्य पर असर: सरकारी अस्पतालों की भर्ती और निजी क्षेत्र के अवसरों से छात्र वंचित हो रहे हैं।
एबीवीपी की मांगें:
- लंबित पंजीयनों को तुरंत शुरू किया जाए।
- नए पंजीयन के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।
- छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए।
- स्पष्ट और पारदर्शी अधिसूचना जारी की जाए।
भोपाल महानगर मंत्री शिवम जाट ने चेतावनी दी कि यदि पंजीयन प्रक्रिया जल्द शुरू नहीं हुई, तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करेगी।
छात्रों की व्यथा:
फार्मेसी काउंसिल का काम ठप होने से न केवल सरकारी अस्पतालों में भर्ती प्रभावित हो रही है, बल्कि निजी क्षेत्र में फार्मासिस्ट के पद भी छात्रों के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
प्रशासन से अपील:
फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य सरकार से अनुरोध है कि छात्रों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करें और पंजीयन प्रक्रिया को शीघ्र बहाल करें।









