प्रधानमंत्री की सौगात: मध्यप्रदेश को मिले 11 नए केंद्रीय विद्यालय, शिक्षा को मिलेगी नई ऊंचाई
भोपाल।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने देशभर में 85 नए केंद्रीय विद्यालयों (केवी) की स्थापना को मंजूरी दी है। इनमें से 11 केंद्रीय विद्यालय मध्यप्रदेश में स्थापित किए जाएंगे। यह निर्णय राज्य के शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह सौगात मध्यप्रदेश के शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाई प्रदान करेगी।” उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
मध्यप्रदेश में बनने वाले 11 नए केंद्रीय विद्यालय:
- अशोक नगर (जिला अशोक नगर)
- नागदा (जिला उज्जैन)
- मैहर (जिला सतना)
- तिरोड़ी (जिला बालाघाट)
- बरघाट (जिला सिवनी)
- निवाड़ी (जिला निवाड़ी)
- खजुराहो (जिला छतरपुर)
- झिंझारी (जिला कटनी)
- सबलगढ़ (जिला मुरैना)
- नरसिंहगढ़ (जिला राजगढ़)
- सेंट्रल पुलिस अकादमी कान्हासैया (जिला भोपाल)
केंद्रीय विद्यालय: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रतीक
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, सभी केंद्रीय विद्यालयों को अब पीएमश्री स्कूल के रूप में नामित किया गया है। ये स्कूल शिक्षा के नए मानकों को स्थापित करने और अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में काम करेंगे।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: केंद्रीय विद्यालय अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रणाली और आधुनिक अवसंरचना के लिए जाने जाते हैं।
- उन्नत शिक्षण पद्धति: इन विद्यालयों में अभिनव और अद्यतन शिक्षण पद्धतियां अपनाई जाती हैं।
- उत्कृष्ट परिणाम: सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं में केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों का प्रदर्शन लगातार सर्वोत्तम रहा है।
मध्यप्रदेश के लिए बड़ा अवसर
हर साल केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए छात्रों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इन नए स्कूलों के खुलने से मध्यप्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, खासकर उन क्षेत्रों में जहां अब तक शैक्षणिक सुविधाओं की कमी थी।
यह निर्णय न केवल शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की प्रगति को रेखांकित करता है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के “शिक्षित भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।









