MP के 413 नगरीय निकायों में बनेंगे गीता भवन, तीन वर्षों में होगा निर्माण
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य के सभी 413 नगरीय निकायों में गीता भवन बनाए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को तीन वर्षों में पूर्ण किया जाएगा। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 2875 करोड़ रुपए की योजना तैयार की है।
विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग क्षमता वाले भवन
परियोजना के तहत प्रत्येक नगर निकाय की आबादी के आधार पर गीता भवनों की क्षमता तय की गई है:
- 5 लाख से अधिक आबादी वाले नगरीय निकायों में 1500 लोगों की बैठक क्षमता।
- 5 लाख से कम आबादी वाले नगरीय निकायों में 1000 लोगों की बैठक क्षमता।
- नगर पालिका परिषद क्षेत्र में 500 व्यक्तियों की बैठक क्षमता।
- नगर परिषद में 250 व्यक्तियों की बैठक क्षमता।
सरकार ने इन भवनों का निर्माण पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर करने का निर्णय लिया है।
एक जैसी डिजाइन होगी गीता भवनों की
413 गीता भवनों की डिज़ाइन एक समान होगी। इनमें निम्नलिखित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी:
- एक पुस्तकालय और तीन रीडिंग रूम।
- एक ऑडिटोरियम।
- भवन के परिसर में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था।
- जहां पहले से भवन उपलब्ध हैं, उन्हें अपग्रेड किया जाएगा।
व्यापक उपयोग और बहुउद्देश्यीय सुविधाएं
गीता भवनों का उपयोग धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। इन भवनों को स्थानीय समुदाय के लिए बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बयान
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार पीपीपी मोड पर इस परियोजना को लागू करने की योजना बना रही है। इससे निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा और लागत प्रभावी रहेगी।
भविष्य की दिशा
इस परियोजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। गीता भवन न केवल धार्मिक केंद्र होंगे, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए भी उपयोगी साबित होंगे।
सरकार की यह पहल प्रदेश के शहरी विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है।









