प्रदेश में 4 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों को मिलेगा आईपीएस अवार्ड
भोपाल, 14 दिसंबर 2024
प्रदेश में राज्य पुलिस सेवा (रापुसे) के अधिकारियों को आईपीएस अवार्ड के लिए 16 दिसंबर 2024 को दिल्ली में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के मुख्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में वरिष्ठता और अन्य मानदंडों के आधार पर 12 नामों में से 4 अधिकारियों को आईपीएस के लिए पदोन्नत किया जाएगा।
डीपीसी की देरी के कारण प्रभावित हो रहा कैडर
इससे पहले मार्च 2024 में डीपीसी आयोजित करने की योजना थी, लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। समय पर डीपीसी न होने से मप्र में आईएएस और आईपीएस के कैडर पद खाली रहते हैं। अब 16 दिसंबर को मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाना, और अपर मुख्य सचिव गृह एसएन मिश्रा की मौजूदगी में यह महत्वपूर्ण बैठक होगी।
पदोन्नति के संभावित अधिकारी:
पदोन्नति के लिए विचाराधीन 12 अधिकारियों में से निम्नलिखित को प्रमोशन मिल सकता है:
- 1995 बैच: प्रकाश चंद्र परिहार।
- 1997 बैच: दिलीप कुमार सोनी, सीताराम सत्या, अवधेश प्रताप सिंह बागरी, राजेंद्र कुमार वर्मा, अमृत मीणा, विक्रांत मुराब।
- 1998 बैच: सुरेंद्र कुमार जैन, आशीष खरे, राजेश रघुवंशी, निमिषा पांडेय, राजेश कुमार मिश्रा।
आईएएस अवार्ड भी होंगे
इसके अलावा, राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के सात अधिकारियों को आईएएस अवार्ड देने के लिए भी डीपीसी आयोजित होगी। इसमें 2007 और 2008 बैच के अधिकारियों के नाम पर विचार होगा।
एसडीजीपी के दो पद हो सकते हैं कम
प्रदेश में विशेष पुलिस महानिदेशक (एसडीजीपी) के 12 में से 2 पद अस्थायी होने के कारण समाप्त हो सकते हैं। केंद्र ने इन पदों को पांच साल पहले अस्थायी रूप से मंजूरी दी थी, जिसकी अवधि दिसंबर 2024 में समाप्त हो रही है। हालांकि, राज्य सरकार ने इन पदों को यथावत रखने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिली।
मप्र में देरी से हो रही पदोन्नति
मध्य प्रदेश में डीपीसी की देरी के कारण वरिष्ठ अधिकारियों की पदोन्नति प्रभावित हो रही है। अन्य राज्यों में 1992 बैच तक के अधिकारी डीजीपी बन चुके हैं, जबकि मप्र में इस बैच के अधिकारी अब स्पेशल डीजी बन रहे हैं।
13 राज्य वन सेवा अधिकारियों को आईएफएस अवार्ड
भोपाल, 13 दिसंबर 2024
मध्य प्रदेश राज्य वन सेवा के 13 अधिकारियों को पदोन्नति देकर भारतीय वन सेवा (IFS) में शामिल कर लिया गया है। केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने गुरुवार को इन अधिकारियों को 2022 बैच आवंटित करते हुए आदेश जारी किए।
आईएफएस बनने वाले अधिकारी:
- हेमलता शाह
- आशीष बसोंड
- विद्याभूषण सिंह
- गौरव कुमार मिश्रा
- तरुण वर्मा
- डॉ. कल्पना तिवारी
- हेमंत यादव
- सुरेश कुमार अहिरवार
- राकेश कोडपे
- प्रीति अहिरवार
- लोकेश निरापुरे
- राजाराम परमार
- करन सिंह रंधा
विवादित अधिकारियों को भी मिली पदोन्नति:
कुछ अधिकारियों पर विभागीय जांच और कदाचरण के आरोप थे, जिसके कारण पिछले तीन वर्षों से डीपीसी फाइल बंद थी। अब इन सभी को आईएफएस में शामिल कर लिया गया है।
आईपीएस और आईएफएस पदोन्नति प्रक्रिया के पूरा होने से प्रदेश में लंबित कैडर पद भरने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह कदम राज्य की प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।








