नेशनल लोक अदालत में 1012 प्रकरणों का निराकरण

सीधी, 14 दिसंबर 2024
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार, नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय सीधी, सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन और मझौली में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार पाण्डेय और अन्य गणमान्य न्यायाधीशों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया।
लोक अदालत की उपलब्धियां:
- कुल प्रकरण: 631 न्यायालयीन और 5568 प्री-लिटिगेशन प्रकरण रखे गए।
- सफल निराकरण:
- 311 न्यायालयीन प्रकरण
- 702 प्री-लिटिगेशन प्रकरण
- मोटर दुर्घटना क्लेम: 10 मामलों में 22,77,000 रुपये की क्षतिपूर्ति दी गई।
- विद्युत विभाग:
- 56 न्यायालयीन प्रकरणों से 6,30,088 रुपये का राजस्व।
- 204 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों से 2,24,000 रुपये का राजस्व।
- बैंक वसूली: 187 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों से 15,70,00,827 रुपये की राशि वसूल की गई।
- नगरीय निकाय: जलकर संबंधी 226 प्रकरणों से 16,38,386 रुपये का राजस्व।
- कुल निराकरण: 1012 प्रकरण।
उद्घाटन समारोह के मुख्य वक्तव्य:
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री संजीव कुमार पाण्डेय ने कहा कि “आपसी राजीनामा प्रकरणों के समाधान का सर्वोत्तम तरीका है, जिससे समय, धन और मानसिक शांति प्राप्त होती है।” उन्होंने अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की अपील की।
न्यायाधीश श्री मुकेश कुमार ने कहा कि लोक अदालत में समझौते के दौरान सामाजिक दायित्व का ध्यान रखना चाहिए।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बृजेन्द्र सिंह ने वकीलों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि, “समझौते से आगे की लड़ाई खत्म हो जाती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।”
आयोजन की संरचना:
जिला मुख्यालय में 11 खंडपीठें, चुरहट में 3, रामपुर नैकिन में 2, और मझौली में 1 खंडपीठ गठित की गईं।
विशिष्ट उपस्थिति:
शुभारंभ कार्यक्रम में कई न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, प्रशासनिक अधिकारी, और मीडिया के सदस्य मौजूद थे। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सिद्धार्थ शुक्ला ने आभार व्यक्त करते हुए नेशनल लोक अदालत की सफलता पर प्रकाश डाला।
यह नेशनल लोक अदालत, न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।








