मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप जारी, नौ शहरों में पारा 5 डिग्री से नीचे
भोपाल, 16 दिसंबर 2024:
उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड का असर देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में ठिठुरन बढ़ गई है, और नौ शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। सबसे कम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस कल्याणपुर (शहडोल) और पचमढ़ी में दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।
पिछले एक दशक की सबसे ठंडी दिसंबर
पिछले 10 वर्षों में यह दूसरी बार है जब दिसंबर इतना ठंडा रहा है। भोपाल में 4 डिग्री से कम तापमान इससे पहले 2021 में दर्ज हुआ था।
शीतलहर का व्यापक असर
रविवार को 17 जिलों में शीतलहर का प्रभाव देखा गया, जिनमें से चार जिलों में तीव्र शीतलहर का असर रहा। प्रभावित जिलों में रायसेन, राजगढ़, खंडवा, शाजापुर, उमरिया, मंडला, सिवनी, नौगांव, अनूपपुर, नीमच, शिवपुरी, सिंगरौली, और पचमढ़ी शामिल हैं। भोपाल, सीहोर, शहडोल और जबलपुर जैसे शहरों में तीव्र शीतलहर दर्ज की गई।
न्यूनतम तापमान
भोपाल, पचमढ़ी, रायसेन, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नौगांव, उमरिया और मलाजखंड में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
मध्य प्रदेश मौसम अपडेट (मुख्य बिंदु)
- शहडोल (कल्याणपुर) और पचमढ़ी में तापमान 1°C दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है।
- 17 जिलों में शीतलहर रही।
- भोपाल, सीहोर, शहडोल और जबलपुर में तीव्र शीतलहर चली।
- 2021 के बाद पहली बार भोपाल का तापमान 4°C से नीचे गया।
- पिछले 10 वर्षों में यह दूसरी बार इतनी सर्द दिसंबर रही।
- प्रदेश में ठंड का असर चरम पर है।
ठंड के पीछे का कारण
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ठंड बढ़ने का मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय जेट स्ट्रीम और लगातार चल रही उत्तरी हवाएं हैं। इसके अलावा, मौसम प्रणालियों का असर भी दिख रहा है:
- उत्तर-पश्चिम भारत में जेट स्ट्रीम (पश्चिम से पूर्व की ओर चलने वाली तेज हवाएं)।
- अंडमान में कम दबाव का क्षेत्र।
- अफगानिस्तान के आसपास पश्चिमी विक्षोभ।
- मध्य पाकिस्तान और जम्मू के ऊपर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात।
- पूर्वी राजस्थान में प्रति चक्रवात।
मध्यप्रदेश के न्यूनतम तापमान वाले जिले
| क्रम संख्या | शहर का नाम | रात का तापमान (°C) |
|---|---|---|
| 1 | पचमढ़ी, नर्मदापुरम | 1.0 |
| 2 | कल्याणपुर, शहडोल | 1.0 |
| 3 | उमरिया | 2.3 |
| 4 | मंडला | 2.5 |
| 5 | गिरवर, शाजापुर | 2.8 |
| 6 | अमरकंटक, अनूपपुर | 3.2 |
| 7 | रायसेन, राजगढ़ | 3.8 |
| 8 | नौगांव, छतरपुर | 4.0 |
| 9 | मलाजखंड, बालाघाट | 4.6 |
| 10 | रीवा, खजुराहो | 5.2 |
| 11 | सतना, टीकमगढ़ | 5.5 |
| 12 | खंडवा | 6.0 |
| 13 | गुना | 6.4 |
| 14 | दमोह | 6.5 |
| 15 | बैतूल | 6.7 |
| 16 | सीधी | 6.8 |
| 17 | छिंदवाड़ा | 6.9 |
| 18 | रतलाम | 7.2 |
| 19 | खरगोन | 7.8 |
| 20 | नरसिंहपुर | 8.4 |
| 21 | सागर | 8.6 |
| 22 | धार | 8.8 |
| 23 | नर्मदापुरम | 8.9 |
| 24 | सिवनी | 9.0 |
नोट: यह तापमान शनिवार-रविवार की रात का दर्ज किया गया है।
आगे की स्थिति
भोपाल मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक वेदप्रकाश सिंह के अनुसार, उत्तरी हवाओं का प्रवाह अगले दो दिन तक जारी रहेगा, जिससे ठंड का असर तीव्र बना रहेगा। इसके बाद हवाओं का रुख बदलकर पूर्वी हो सकता है, जिससे मामूली राहत मिलने की संभावना है।
पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला का कहना है कि उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही सर्द हवाओं के कारण प्रदेश में ठंड का प्रकोप है। अगले 2-3 दिन तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों का उपयोग करें और सर्दी से संबंधित सावधानियां बरतें।








