मुख्यमंत्री ने विंध्य की बेटी मान्या पाण्डेय को किया सम्मानित
सरसी आइलैंड उद्घाटन समारोह में 51 हजार का सम्मान और बघेली लोकगीतों का आनंद लिया
शहडोल। शहडोल जिले के सरसी आइलैंड के उद्घाटन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय लोक गायिका और विंध्य की बेटी मान्या पाण्डेय को 51 हजार रुपये और विशेष उपहार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर बघेली लोकगीतों का आनंद लिया और मान्या पाण्डेय के गीतों की जमकर सराहना की।
सरसी आइलैंड परिसर में मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मान्या पाण्डेय के प्रसिद्ध बघेली गीत “सीएम विंध्य को रहे सजाय, सब रहेगें सुख और चैना” को खूब पसंद किया। मुख्यमंत्री ने मान्या से हालचाल पूछा और उनके लोकगीतों के माध्यम से प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के कार्य की प्रशंसा की।
लोक गायिका की प्रतिभा पर गर्व
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने मुख्यमंत्री को बताया कि मान्या पाण्डेय बहुत छोटी उम्र से बघेली लोकगीत गा रही हैं और उनके गीतों के जरिए सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार होता है। उनके गीत विकास की धारा को जनता तक पहुंचाने में मददगार साबित हो रहे हैं।
वहीं, विधायक शरद कोल ने मान्या पाण्डेय को विंध्य की शान बताते हुए कहा कि उनके लोकगीत पूरे शहडोल संभाग में अत्यधिक लोकप्रिय हैं और हमें अपनी बेटी पर गर्व है।
सरकार और पर्यटन विभाग का समर्थन
मध्य प्रदेश के पर्यटन और संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र लोधी ने मान्या पाण्डेय की सराहना करते हुए घोषणा की कि राज्यभर में उनके लोकगीतों की प्रस्तुति कराई जाएगी, ताकि प्रदेश की जनता को परंपरागत लोक संस्कृति का अनुभव हो सके।
एमपीटी (मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम) के प्रबंध संचालक इल्लैया राजा ने मान्या पाण्डेय को एमपीटी की लोक गायिका घोषित करते हुए कहा कि निगम के हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनके गीतों की प्रस्तुति कराई जाएगी।
संगीत टीम का सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मान्या पाण्डेय की टीम के सदस्यों को भी सम्मानित किया। टीम के सदस्य नरेन्द्र बहादुर सिंह, कपिल तिवारी, हरिश्चंद्र मिश्रा, पवन शुक्ला, कर्णवीर सिंह तोमर, सौरव शुक्ला, निर्भय द्विवेदी और विकास कुमार मिश्रा को 5-5 हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया गया।
समारोह का महत्व
सरसी आइलैंड के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों ने बघेली लोकगीतों का आनंद लिया और क्षेत्रीय कलाकारों की सराहना की। कार्यक्रम ने प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा,
“प्रदेश की प्रतिभाओं को निखारने और उनके गीतों के माध्यम से सांस्कृतिक परंपरा को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। मान्या जैसी कलाकार प्रदेश की गौरव हैं।”








