मध्य प्रदेश में बिना अनुमति दीवार लेखन और पर्चा चस्पा करने पर लगेगा 5 हजार का जुर्माना
भोपाल।
मध्य प्रदेश सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में दीवार लेखन और पर्चा चस्पा जैसी गतिविधियों पर सख्ती करते हुए 5 हजार रुपये तक अर्थदंड लगाने का प्रविधान किया है। यह नया नियम मंगलवार को विधानसभा में पेश किए गए जन विश्वास विधेयक का हिस्सा है।
इस विधेयक के तहत अब ऐसे मामलों को न्यायालय में नहीं भेजा जाएगा, बल्कि अधिकारियों को सीधे अर्थदंड लगाने का अधिकार होगा।
क्या है जन विश्वास विधेयक?
यह विधेयक कामकाज में लंबी कानूनी प्रक्रियाओं को खत्म करने के उद्देश्य से लाया गया है। भारत सरकार ने 2023 में इसे पेश किया था, जिसके अनुरूप मध्य प्रदेश सरकार ने भी इसे लागू करने का निर्णय लिया। इसके तहत जुर्माने को अर्थदंड में परिवर्तित किया गया है ताकि प्रकरणों का समझौते के माध्यम से त्वरित समाधान हो सके।
प्रमुख बदलाव और प्रविधान
- बिना अनुमति दीवार लेखन या पर्चा चस्पा
- अब 5 हजार रुपये तक का अर्थदंड लगाया जाएगा।
- मामले न्यायालय में नहीं जाएंगे।
- सड़क या पानी की नाली क्षतिग्रस्त करने पर जुर्माना
- जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये कर दिया गया है।
- ऊर्जा विभाग के तहत कैप्टिव पावर प्लांट
- प्लांट के उत्पादन और खपत का लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं करने पर 5 हजार रुपये अर्थदंड लगेगा।
- अन्य विभाग
- सहकारिता, श्रम और नगरीय विकास सहित कई विभागों में जुर्माने के प्रविधानों को सरल और प्रभावी बनाया गया है।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना और मामलों का त्वरित समाधान करना है। अब जुर्माने से जुड़े मामलों का समाधान समझौते के माध्यम से किया जाएगा, जिससे न्यायालयों पर बोझ कम होगा।
नगरीय क्षेत्रों में सख्ती बढ़ी
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बदलाव से अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकेगी। दीवार लेखन, पर्चा चस्पा और सड़क क्षतिग्रस्त करने जैसी समस्याओं पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।








