सीधी जिले में चोरों का आतंक: तेंदुआ स्टेशन पर दुकान में लाखों की चोरी, पुलिस गश्त पर सवाल
सीधी, 24 दिसंबर 2024
सीधी जिले के तेंदुआ स्टेशन क्षेत्र में चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार रात को चोरों ने उमाशंकर दुबे (लल्लू) की दुकान का ताला तोड़कर मोटर पंखों समेत अन्य कबाड़ पर हाथ साफ कर लिया। यह घटना जिला मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के पास हुई, जिससे स्थानीय निवासियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
घटना का विवरण
तेंदुआ स्टेशन पर उमाशंकर दुबे पिछले 20 वर्षों से अपनी दुकान चला रहे हैं।
- चोरों ने देर रात दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसपैठ की।
- चोरी किए गए सामान में मोटर पंखे और अन्य कबाड़ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
- चोरी की कुल कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
- उमाशंकर दुबे को सुबह घटना की जानकारी मिली, जब उन्होंने दुकान का टूटा हुआ ताला देखा।
पुलिस में शिकायत दर्ज, जांच जारी
उमाशंकर दुबे ने तुरंत जमोडी पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक चोरों के बारे में कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस गश्त पर उठे सवाल
इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस गश्त की कमी को उजागर कर दिया है।
- नियमित गश्त न होने के कारण चोर बेखौफ होकर अपने अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
- स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते चोरों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
- तेंदुआ स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा प्रबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों की चिंता
इस घटना के बाद तेंदुआ स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में दहशत फैल गई है।
- नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में गश्त बढ़ाने और चोरों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
- व्यापारियों ने कहा है कि यदि समय रहते पुलिस ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।
प्रभाव और आगे की कार्रवाई
तेंदुआ स्टेशन में हुई यह चोरी प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है।
- पुलिस को क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ानी होगी।
- व्यापारियों और निवासियों के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाने चाहिए।
- जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने और सख्त कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
तेंदुआ स्टेशन पर हुई इस चोरी ने स्थानीय लोगों में भय और प्रशासन की कार्यक्षमता पर संदेह पैदा कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस चोरों को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा बहाल करने में कितनी तत्परता दिखाती है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो चोरों का यह आतंक और भी गंभीर रूप ले सकता है।








