कक्षा में शराब के नशे में सोते शिक्षक, छात्रों का भविष्य अंधकारमय
सीधी, 30 दिसंबर 2024:
सीधी जिले के प्राथमिक विद्यालय खाम्ह से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। स्कूल में शिक्षक शराब के नशे में गहरी नींद में सोते हुए पाए गए, जबकि छात्र कक्षा में अपने आप पढ़ाई करने को मजबूर थे। इस घटना ने न केवल अभिभावकों बल्कि पूरे शिक्षा विभाग को चिंता में डाल दिया है।
घटना का विवरण
प्राथमिक विद्यालय खाम्ह में यह घटना तब उजागर हुई जब एक अभिभावक ने शिक्षक की इस करतूत को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में शिक्षक को कक्षा के अंदर गहरी नींद में सोते हुए देखा गया, जबकि बच्चे शिक्षा के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में रोष फैल गया।
शिकायत और शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही अभिभावकों ने जिला शिक्षा विभाग से इसकी शिकायत की। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमलाल मिश्रा ने कहा,
“शिक्षक का यह व्यवहार बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। इस घटना की जांच की जा रही है, और दोषी शिक्षक पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इससे पहले भी जिले के कुछ स्कूलों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए गए हैं।”
पुनरावृत्ति के मामले
यह पहला मामला नहीं है जब जिले के किसी विद्यालय में शिक्षक को इस तरह से लापरवाही करते हुए पाया गया हो। बताया गया है कि इससे पहले भी सीधी जिले के दो-तीन स्कूलों में शिक्षक शराब के नशे में पाए गए थे। उन पर कार्रवाई कर दी गई थी, लेकिन इस तरह की घटनाओं का बार-बार सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
अभिभावकों की चिंता
इस घटना से अभिभावक गहरी चिंता में हैं। उनका कहना है कि शिक्षक, जिन्हें बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी दी गई है, अगर इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो छात्रों की शिक्षा प्रभावित होगी।
एक स्थानीय अभिभावक ने कहा,
“हम अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन जब शिक्षक ही अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करेंगे, तो हमारे बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित होगा?”
आगे की कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से जांच के आदेश दिए हैं। प्राथमिक विद्यालय खाम्ह के इस मामले में दोषी शिक्षक पर कार्रवाई होना लगभग तय है। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
इस घटना ने जिले में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह समय है कि शिक्षा विभाग इस तरह की लापरवाही पर गंभीरता से ध्यान दे और यह सुनिश्चित करे कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी निभाएं। छात्रों का भविष्य किसी भी स्थिति में दांव पर नहीं लगाया जाना चाहिए।
सम्बंधित बयान:
प्रेमलाल मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी, सीधी:
“शिक्षक के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर जांच चल रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”









