प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी की शिकायत लेकर ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट
सीधी, 03 जनवरी 2025
सीधी जिले के ग्राम पंचायत छूही के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मजदूरी राशि में गड़बड़ी की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट का रुख किया। शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मजदूरी की राशि गलत खातों में जमा होने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों का आरोप
ग्राम पंचायत छूही की अनारकली बैगा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास तो मिला है, लेकिन मजदूरी की राशि अब तक उनके खाते में नहीं आई। उन्होंने दावा किया कि इसी समस्या का सामना गांव के अन्य कई लोग भी कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह राशि गलत खातों में भेजी गई है, जिससे उन्हें गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।
योजना के तहत लाभ की स्थिति
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों को आवास निर्माण के लिए कुल ₹1,45,000 की राशि दी जाती है।
- ₹1,30,000 की राशि आवास निर्माण के लिए सीधे लाभार्थी के खाते में डाली जाती है।
- ₹15,000 की मजदूरी राशि मनरेगा के तहत दी जाती है।
ग्रामीणों ने शिकायत की है कि मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी राशि या तो उनके खातों में नहीं पहुंची है या गलत तरीके से दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई है।
कलेक्ट्रेट में ज्ञापन और मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच की मांग की। उन्होंने आग्रह किया कि मजदूरी की राशि उनके खातों में तुरंत जमा की जाए। बैगा समुदाय के ग्रामीणों ने कहा कि यह समस्या उनके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है।
प्रशासन का आश्वासन
जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर अंशुमन राज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि:
- सभी लाभार्थियों के खातों की जांच की जाएगी।
- अगर मजदूरी राशि गलत खातों में जमा की गई है, तो उसे सही किया जाएगा।
- दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सरकारी दावों पर सवाल
यह घटना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में खामियों को उजागर करती है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बैगा समुदाय को विशेष सुविधाएं देने का दावा किया जाता है, लेकिन ऐसी घटनाएं सरकारी योजनाओं और जमीनी हकीकत के बीच गहरी खाई को दिखाती हैं।
ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या का जल्द समाधान करेगा। वहीं, इस घटना ने सरकार की योजनाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।









