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संजय टाइगर रिजर्व: 11 साल की बच्ची पर तेंदुए का हमला, दादी ने बचाई जान

संजय टाइगर रिजर्व: 11 साल की बच्ची पर तेंदुए का हमला, दादी ने बचाई जान

कुसमी
संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के बंजारी गांव में गुरुवार की शाम दिल दहला देने वाली घटना घटी। 11 साल की मासूम गंगा बैगा पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची अपनी दादी के साथ गाय और बकरी चराने गई थी। जैसे ही अंधेरा हुआ, कंपार्टमेंट नंबर 662 मुडरी पहाड़ी के पास तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर बच्ची पर टूट पड़ा।

बच्ची ने दर्द से कराहते हुए चीख-पुकार मचाई। दादी ने बहादुरी दिखाते हुए बच्ची को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की। इस दौरान तेंदुआ बच्ची को गंभीर रूप से घायल कर भाग गया। दादी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बच्ची को तुरंत कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

वन विभाग पर उठे सवाल

घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घायल बच्ची का इलाज चल रहा है, लेकिन वन विभाग का कोई अधिकारी अब तक अस्पताल नहीं पहुंचा है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों से उनका जीवन खतरे में है।

बैगा समाज संघ के जिला अध्यक्ष विजय बहादुर बैगा ने कहा, “वन विभाग सुरक्षा के लिए बाड़े तक नहीं बनवा पाया है। तेंदुए गांव के अंदर तक आकर हमले कर रहे हैं। अब तक किसी भी प्रकार की सहायता राशि प्रदान नहीं की गई है। बैगा परिवार इस घटना के बाद सदमे में है।”

ग्रामीणों का आक्रोश

गांववालों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लंबे समय से जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं। उनका कहना है कि विभाग को तेंदुओं और अन्य जंगली जानवरों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

प्रशासन की चुप्पी

घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और वन विभाग की निष्क्रियता ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बच्ची के परिवार को तत्काल सहायता राशि दी जाए और वन विभाग जंगली जानवरों के हमले रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करे।

इस घटना ने एक बार फिर संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष के सवाल खड़े कर दिए हैं।

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