भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा ज्ञापन, वेतन निर्धारण पर उठाई आवाज
वेतन निर्धारण में हुई अनियमितता पर भारतीय मजदूर संघ ने जताई चिंता
आज भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री दीपनारायण द्विवेदी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया गया कि भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में पूरे प्रदेश के सभी जिलों में एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन पंचायत पेसा मोबिलाइजर संघ के जिला अध्यक्ष रजनीश साहू एवं उनकी कार्यकारणी के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया। ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य यह था कि 01 अप्रैल 2024 से लागू वेतन निर्धारण आदेश में वेतन राशि का उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे श्रमिकों को निर्धारित वेतन का लाभ नहीं मिल रहा है।
वेतन निर्धारण राशि की अनुपस्थिति से मजदूरों को हो रही समस्या
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 01 अप्रैल 2024 को नए वेतन निर्धारण आदेश के तहत एक माह तक वेतन का भुगतान किया गया था, लेकिन उसके बाद स्थगन आदेश जारी कर दिया गया, जिससे श्रमिकों को निर्धारित वेतन का लाभ नहीं मिल पाया। इसके परिणामस्वरूप श्रमिकों में असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारतीय मजदूर संघ ने मांग की है कि वेतन निर्धारण के नए नियम के अनुसार मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए और स्थगन आदेश को समाप्त किया जाए।
एरियर्स का भुगतान भी अनिवार्य
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जारी आदेशानुसार श्रमिकों को एरियर्स का भी भुगतान किया जाना चाहिए। श्रमिकों के बकाए वेतन के भुगतान से उनके जीवन स्तर में सुधार हो सकेगा और वे अपना काम बेहतर तरीके से कर सकेंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान उपस्थित रहे पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री दीपनारायण द्विवेदी, कार्यालय मंत्री प्रदीप साहू तथा पंचायत पेसा मोबिलाइजर संघ के अध्यक्ष रजनीश साहू और उनके साथ समस्त कार्यकारणी उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि मजदूरों के हक के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
भारतीय मजदूर संघ ने यह स्पष्ट किया कि वेतन निर्धारण के बारे में स्पष्टता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से कदम उठाए जाएं। इसके लिए संघ ने उच्च अधिकारियों से शीघ्र समाधान की अपेक्षा की है।








