कल पेश होगा मोहन सरकार का दूसरा बजट
किसानों, युवाओं और अधोसंरचना विकास पर रहेगा फोकस
भोपाल: कल 12 मार्च को मुख्यमंत्री मोहन यादव सरकार का दूसरा बजट पेश किया जाएगा। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “ज्ञान” (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) मंत्र को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। राज्य सरकार की योजनाओं को इसी आधार पर संरचित किया जाएगा और विभिन्न मिशनों के तहत नई घोषणाएँ की जाएंगी।
किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना
मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। राज्य के 1 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ की घोषणा हो सकती है। इस योजना के तहत गेहूं, धान और श्रीअन्न (मिलेट्स) के उत्पादन पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
- किसानों को केंद्र द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अलावा अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
- सिंचाई क्षमता को 50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर किया जाएगा।
- केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना के लिए राज्यांश बढ़ाया जाएगा, जिसमें 90% खर्च केंद्र सरकार उठाएगी।
युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरियाँ
राज्य में युवाओं को रोजगार देने के लिए ढाई लाख सरकारी पदों पर भर्ती की योजना बनाई गई है।
- 2025-26 में एक लाख पदों पर भर्तियाँ होंगी।
- ये भर्तियाँ राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जाएंगी।
अधोसंरचना विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकार इस बार भी अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता देने जा रही है।
- भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण तेजी से पूरा करने के लिए बजट आवंटित किया जाएगा।
- लोक निर्माण विभाग (PWD) को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिलने की संभावना है।
- शहरी क्षेत्रों में 1500 किमी नई सड़कें बनाई जाएंगी।
- नए औद्योगिक केंद्रों के विकास के लिए बिजली, पानी और सड़क सुविधा पर ध्यान दिया जाएगा।
आवास योजनाओं के लिए 5000 करोड़ का बजट
- अगले तीन वर्षों में 30 लाख से अधिक आवासों का निर्माण किया जाएगा।
- शहरी क्षेत्रों में 10 लाख और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख मकान बनाए जाने का लक्ष्य।
- नगरीय विकास और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों को 5000 करोड़ रुपये का बजट दिया जाएगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
- स्कूलों और कॉलेजों का बजट बढ़ाया जाएगा ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।
- स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुधार के लिए भी अतिरिक्त बजट प्रावधान किए जाएंगे।
निष्कर्ष
इस बजट में कृषि, अधोसंरचना, रोजगार और आवास योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और विकास के नए आयामों तक पहुँचाया जाए।









