सीधी: 41 ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस, जानिए क्या है कारण
सीधी, 21 मार्च 2025 – जिले के 41 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन सचिवों पर आरोप है कि उन्होंने ग्राम पंचायत के अभिलेख और संपत्तियों का प्रभार सौंपने में लापरवाही बरती और अनाधिकृत रूप से दस्तावेजों को अपनी अभिरक्षा में रखा।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जिला पंचायत, सीधी अंशुमन राज ने मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 92(2) और मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (ग्राम पंचायत सचिव भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम 2011 के नियम 7 के तहत इन सचिवों को नोटिस जारी कर 30 दिन में जवाब मांगा है।
किन सचिवों को मिला नोटिस?
नोटिस पाने वालों में सीधी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 41 सचिव शामिल हैं।
- रघुराज सिंह – अमरपुर
- रामसखा विश्वकर्मा – बड़ागांव
- सुदामा प्रसाद वर्मा – बघौड़ी
- सुनीता पटेल – बल्हया
- संजय द्विवेदी – बरबंधा
- अरविंद कुमार पांडेय – भनमारी
- प्रतिमा सिंह – भितरी
- तेजा प्रसाद पटेल – चमरौहा
- रमेश कुमार पटेल – चितवरिया
- संदीप कुमार वर्मा – चौराही
- सुधाकर सिंह – ददरीकला
- अमित कुमार पांडेय – डढिया
- रामचंद्र सेन – डिहुलीखास 3
- मोतीलाल द्विवेदी – डोल
- विजय कुशवाहा – घोघरा गहिरा
- अशोक कुमार गौतम – गोडाही
- राज कुमार द्विवेदी – हटवा
- रामशिरोमणि पटेल – हटवा देवार्थ
- गणेश गुप्ता – जनकपुर
- विक्रमादित्य सिंह – खड़बड़ा
- अशोक कुमार मिश्रा – कुनझुनकला
- बृजेन्द्र कुमार पांडेय – कुसेड़ा
- अशोक कुमार पाठक – कुशियारी
- अरुण कुमार पांडेय – लौआर पैपखार
- गणेश गुप्ता – मझरेटी कोठार
- शशांक द्विवेदी – मौहार
- मुद्रिका प्रसाद दीक्षित – नकझरकला
- भैयालाल द्विवेदी – पैगमा आवाद
- राजीव रंजन विश्वकर्मा – पमरिया
- अम्बिकेश शुक्ला (रोजगार सहायक) – पटेहराकोठार
- गोपाल जी शर्मा – पथरौही
- तेजभान यादव – पतुलखी
- शैलेन्द्र सिंह – पोखरा
- सरोज सिंह – पोड़ी
- रामसजीवन पटेल – राजगढ़
- बेकुष्ठ बहादुर सिंह (रोजगार सहायक) – रामडीह
- राजेंद्र तिवारी – सहजी
- आशुतोष उपाध्याय – सिहौलिया
- मंजू सिंह – सोनतीर पटेहरा
- बालकेशव पटेल – तेंदुहा नं. 02
- विक्रमादित्य सिंह – तितली
प्रशासन ने दिखाई सख्ती
CEO जिला पंचायत ने स्पष्ट किया कि यदि सचिव निर्धारित समय में जवाब नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है।
ग्रामीण विकास में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
यह मामला पंचायतों में बुनियादी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की अनदेखी और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाता है। प्रशासन की इस सख्ती से अन्य पंचायत अधिकारियों और कर्मचारियों में भी कड़ा संदेश जाएगा कि ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।








