सीधी जिले के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को महीनों से नहीं मिला वेतन, उग्र आंदोलन की चेतावनी
सीधी। जिले में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की स्थिति दयनीय होती जा रही है। आदिवासी विकास विभाग सहित कई विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को वर्षों से वेतन नहीं मिल रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि कर्मचारी दाने-दाने के लिए मोहताज हो गए हैं।
बजट की कमी बताकर टाल रहे अधिकारी
कई बार कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ कार्यालयों में वेतन भुगतान के लिए आवेदन दिया, लेकिन हर बार बजट की कमी का हवाला देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं कि जब बजट आएगा, तब वेतन का भुगतान होगा, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
लघुवेतन कर्मचारी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
जब इस गंभीर समस्या की जानकारी लघुवेतन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष श्रवण मिश्रा को मिली, तो उन्होंने कर्मचारियों के हक में लड़ाई लड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही दैनिक वेतन भोगी स्थायी कर्मियों, आउटसोर्स कर्मचारियों, सफाई कर्मियों और रसोइया महिलाओं का वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो संघ उग्र आंदोलन करेगा और धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
सफाई कर्मी और रसोइया भी महीनों से वेतन के लिए तरस रहे
सिर्फ दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी ही नहीं, बल्कि सफाई कर्मी और स्कूलों में कार्यरत रसोइया महिलाएं भी कई महीनों से वेतन से वंचित हैं। इससे उनके परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
संघ की मांग और अगला कदम
श्रवण मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि अगर जल्द से जल्द वेतन का भुगतान नहीं किया गया, तो संघ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगा। जब तक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक कर्मचारी संगठन धरने पर बैठेगा और प्रशासन पर दबाव बनाएगा।
सरकार और प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर जल्द ध्यान देना होगा, अन्यथा जिले में बड़े स्तर पर आंदोलन देखने को मिल सकता है।








