सीएम ने 4 लापरवाह अफसरों को किया निलंबित, कई पर कार्रवाई के निर्देश
भोपाल, 29 मार्च 2025। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन बैठक के दौरान लापरवाही बरतने वाले 4 अधिकारियों को निलंबित कर दिया। इनमें रीवा जिले के तहसीलदार, मऊगंज नगर पंचायत के सीएमओ और सब इंजीनियर शामिल हैं। इसके अलावा, सिवनी जिले के टीआई और एसडीओपी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों हुई अफसरों पर कार्रवाई?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर पहुँचना चाहिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, आईजी, कमिश्नर और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निलंबित किए गए अधिकारी और उन पर आरोप
1. राजेंद्र शुक्ल, तहसीलदार, जवा (रीवा)
➡ आरोप: एक रहवासी की भैंस मरने के बाद भी आरबीसी 6(4) के तहत आर्थिक सहायता नहीं दी।
2. महेश पटेल, प्रभारी सीएमओ, नगर पंचायत (मऊगंज)
➡ आरोप: मऊगंज के वार्ड नंबर 1 में तीन महीने से पानी की सप्लाई बंद थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।
3. राजेश प्रताप सिंह, उपयंत्री, नगर पंचायत (मऊगंज)
➡ आरोप: पेयजल आपूर्ति में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित।
4. छिंदवाड़ा जिले का सचिव (कपिलधारा योजना)
➡ आरोप: कुएं निर्माण का भुगतान नहीं किया, जिससे किसान परेशान हो रहे थे।
सिवनी और सीहोर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई
➡ सिवनी: जिले में बच्चों और महिलाओं की गुमशुदगी एवं अपहरण के मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं करने पर टीआई और एसडीओपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
➡ सीहोर: नल जल योजना के पानी की आपूर्ति पूरी नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
विदिशा, टीकमगढ़ और खंडवा के अफसरों पर भी सख्ती
✅ विदिशा: मुद्रा योजना के लाभ नहीं मिलने पर सीएमओ को नोटिस, लीड बैंक मैनेजर पर भी कार्रवाई के निर्देश।
✅ टीकमगढ़: बकरी पालन योजना की फाइल गायब होने पर फटकार, समाधान ऑनलाइन में मामला आने के बाद अनुदान तुरंत दिया गया।
✅ खंडवा: दिव्यांगों को 193 दिनों से आर्थिक सहायता नहीं मिलने पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक पर 5000 रुपये का जुर्माना।
सख्ती के संकेत, लापरवाह अफसरों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाए, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।









