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Sidhi24news;बाघ का हमला: 14 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, गांव में दहशत

बाघ का हमला: 14 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, गांव में दहशत
उमरिया, मध्य प्रदेश

झाड़ियों में छिपा बाघ बना काल
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लगे पिपरिया गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। महुआ बीनने जंगल गए 14 वर्षीय विजय कुमार कोल पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ झाड़ियों में घात लगाकर बैठा था और मौका मिलते ही विजय पर झपट पड़ा। बाघ ने उसे अपने जबड़ों में दबोच लिया और जंगल की ओर घसीटते हुए ले गया।

घटना की जानकारी मिलते ही मचा हड़कंप
विजय अपने एक दोस्त के साथ जंगल गया था। हमले के बाद उसका दोस्त डर के मारे जंगल में छिप गया। बाद में गांववालों के आने पर वह बाहर निकला और पूरी घटना बताई। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को जानकारी दी गई। खोजबीन के बाद वन विभाग की टीम ने विजय का शव एक नाले में पाया।

पहले भी हो चुके हैं बाघ के हमले
यह कोई पहली घटना नहीं है जब पिपरिया गांव के पास बाघ ने हमला किया हो। 23 मार्च को पनपथा बफर जोन में एक 50 वर्षीय बुजुर्ग और 2 अप्रैल को कोर क्षेत्र में एक महिला को भी बाघ ने शिकार बनाया था। महिला भी महुआ बीनने ही गई थी। इस तरह बीते कुछ हफ्तों में बाघ के हमले से तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

गांव में दहशत का माहौल
लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी डर का माहौल है। गर्मी के मौसम में महुआ सहित अन्य वन उत्पाद इकट्ठा करने ग्रामीण जंगल में जाते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीण अब जंगल की ओर जाने से डरने लगे हैं।

वन विभाग की प्रतिक्रिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक पीके वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “धमोखर के पास यह घटना हुई है। टीम मौके पर पहुंच चुकी है और आवश्यक कार्रवाई जारी है।”

पिपरिया और आस-पास के क्षेत्रों में बाघों की बढ़ती गतिविधियों और हमलों ने चिंता बढ़ा दी है। वन विभाग को जल्द ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने होंगे ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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