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रीवा को मिला हाईटेक जिला न्यायालय, लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित सुप्रीम कोर्ट के तीन जज शामिल

रीवा को मिला हाईटेक जिला न्यायालय, लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित सुप्रीम कोर्ट के तीन जज शामिल

रीवा | 4 मई 2025

रीवा वासियों के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब बहुप्रतीक्षित नवीन जिला न्यायालय का भव्य लोकार्पण मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीशों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह पहला अवसर था जब सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीश एक साथ रीवा में किसी कार्यक्रम में शामिल हुए। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच यह आयोजन दोपहर 2 बजे से शुरू हुआ।

इतिहास रचता न्यायिक सम्मेलन

मुख्य समारोह से पूर्व सभी न्यायाधीशों ने नवीन जिला न्यायालय भवन का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत शर्मा, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एससी शर्मा, तथा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी, जस्टिस विशाल मिश्रा और जस्टिस सुरेश कुमार कैथ शामिल हुए। न्यायिक मंच पर उच्च न्यायपालिका की इतनी व्यापक उपस्थिति अपने आप में ऐतिहासिक मानी जा रही है।

न्यायिक चुनौतियों पर चिंता, समाधान पर सुझाव

कार्यक्रम के दौरान जस्टिस सुरेश कुमार कैथ ने कहा कि देश भर में न्यायालयों में मामलों की पेंडेंसी लगातार बढ़ रही है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि की जाए ताकि न्याय वितरण प्रणाली में तेजी लाई जा सके।

वहीं, जस्टिस जेके माहेश्वरी ने सीएम मोहन यादव के रीवा से जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा, “जब मैं जज बना था, तब पेंडेंसी 1.80 लाख थी, आज यह 5 लाख से भी ज्यादा है। सिर्फ इमारतें नहीं, न्याय, करुणा और विवेक के मूल सिद्धांतों को भी मजबूत करना जरूरी है।”

जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “कोर्ट कॉम्प्लेक्स सिर्फ भौतिक सुविधाओं का केंद्र नहीं, न्याय का मंदिर है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि यहां से हर व्यक्ति को न्याय मिले।”

सीएम ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की सराहना की

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने तीन तलाक और राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय ने अपने विवेक और संवैधानिक मर्यादा में रहते हुए भारत को न्याय और सामाजिक समरसता की दिशा में मजबूत किया। उन्होंने कहा, “न्यायालय जनता की आस्था और विश्वास का केंद्र है।”

95.93 करोड़ की लागत से बना आधुनिक न्यायालय परिसर

नवीन जिला न्यायालय भवन रीवा विश्वविद्यालय मार्ग पर, इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने निर्मित किया गया है। कुल 95.93 करोड़ रुपये की लागत से बने इस न्यायिक परिसर में तीन मुख्य भवन हैं — मुख्य भवन, सर्विस बिल्डिंग और बार बिल्डिंग।

  • मुख्य भवन: 18,224.58 वर्ग मीटर में फैला है, जिसमें 40 कोर्ट रूम, शासकीय कार्यालय, डिजास्टर कंट्रोल रूम, पब्लिक प्रोसिक्यूटर ऑफिस, फाइलिंग काउंटर, जज लाउंज, कम्प्यूटर रूम और आधुनिक पुस्तकालय जैसी सुविधाएं हैं।
  • सर्विस बिल्डिंग: इसमें पुलिस चौकी, रिकार्ड रूम, स्टैटिक ऑफिस, स्टोर रूम तथा अधिवक्ताओं के लिए 750 लोगों की बैठने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
  • बार बिल्डिंग: इसमें 296 अधिवक्ता कक्ष, बैंक, पोस्ट ऑफिस, डिस्पेंसरी, लाइब्रेरी, कैंटीन व अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद

कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी दिखाई। 45 राजपत्रित अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। दो दिन पहले से ही पुलिस और प्रशासनिक अमला वीआईपी मूवमेंट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था में लगा हुआ था।


नवीन जिला न्यायालय का शुभारंभ रीवा के न्यायिक विकास में एक मील का पत्थर है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की गरिमामयी उपस्थिति न केवल न्याय व्यवस्था में भरोसे को बढ़ाती है, बल्कि भविष्य के लिए नई दिशा भी निर्धारित करती है।

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