Re. No. MP-47–0010301

नेशनल लोक अदालत में भू-अर्जन के दो मामलों का समाधान, 58 लाख से अधिक की राशि स्वीकृत

नेशनल लोक अदालत में भू-अर्जन के दो मामलों का समाधान, 58 लाख से अधिक की राशि स्वीकृत

सीधी, 11 मई 2025।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार जिला न्यायालय सीधी सहित सिविल न्यायालय चुरहट, रामपुर नैकिन एवं मझौली में आज दिनांक 10 मई को नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री प्रयाग लाल दिनकर के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में कई मामलों का समाधान कराया गया, लेकिन इसकी सबसे बड़ी विशेष उपलब्धि रही भूमि-अर्जन से जुड़े दो जटिल मामलों का आपसी राजीनामा के माध्यम से समाधान।


भूमि अधिग्रहण के दो प्रकरणों में 58.34 लाख की स्वीकृति

श्री मनीष कुमार श्रीवास्तव, द्वितीय जिला न्यायाधीश एवं श्रृंखला न्यायालय रामपुर नैकिन ने प्रशासन के साथ समन्वय कर भू-अर्जन के दो मामलों में वर्षों से लंबित विवादों का निपटारा कराया। राजीनामा के माध्यम से कुल ₹58,34,334/- की राशि आवेदकों को स्वीकृत की गई, जिससे उन्हें राहत मिली।


न्याय की नई उम्मीद बनी लोक अदालत

वर्षों से लंबित भूमि अर्जन मामलों में आवेदकों को न केवल न्याय मिला, बल्कि एक त्वरित और पारदर्शी समाधान भी प्राप्त हुआ। यह पहल भू-अर्जन से जुड़े मामलों में लोक अदालतों की प्रभावशीलता और प्रासंगिकता को दर्शाती है। इससे ऐसे हजारों आवेदकों के लिए भी नई उम्मीद जगी है जो लंबे समय से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे हैं।


न्यायपालिका और प्रशासन का प्रभावी समन्वय

इस उपलब्धि के पीछे न्यायपालिका और प्रशासन के बीच सशक्त समन्वय का योगदान रहा। भूमि अर्जन जैसे संवेदनशील मामलों में समाधान को लेकर यह एक मॉडल केस के रूप में देखा जा सकता है, जिसे अन्य जिलों में भी अपनाया जा सकता है।


नेशनल लोक अदालत न केवल त्वरित न्याय का माध्यम है, बल्कि यह समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में स्थापित होती जा रही है।

Advertisement

Leave a Comment

error: Content is protected !!